देश में मंकीपॉक्स के बढ़ते मामलों को देखते हुए चंडीगढ़ में स्वास्थ्य विभाग ने एडवाइजरी जारी कर दी। इसमें मंकीपॉक्स के लक्षण, कारण और बचाव संबंधी सूचनाएं देते हुए उससे संबंधित कोई भी जानकारी मिलने पर तत्काल स्वास्थ्य विभाग को सूचित करने की सलाह दी गई है।
गौरतलब है कि देश में इसके मामले बढ़ने से चिंता भी बढ़ी जा रही है क्योंकि ऐसा माना जा रहा है कि कोरोना संक्रमण जिस तरह चमगादड़ से फैला था उसी तरह मंकीपॉक्स का संक्रमण भी अनदेखी बरतने पर तेजी से लोगों को अपनी चपेट में ले सकता है। ऐसे में बचाव को लेकर सजग रहने की सलाह दी गई है।
एडवाइजरी में बताया गया है कि इसकी शुरुआत बुखार से होती है और फिर कमजोरी आने लगती है। शरीर में दाने निकलने लगते हैं। दाने कुछ समय बाद बड़े हो जाते हैं और धीरे-धीरे सूखने लगते हैं। कुछ दानों में मवाद या कुछ तरल पदार्थ भी निकल सकता है। मंकीपॉक्स होने पर गर्दन के आसपास गांठें भी बन जाती हैं लेकिन यह कोरोना की तुलना में कम संक्रामक होता है और इसमें जान जाने का खतरा भी कोरोना की तुलना में कम है। यह खांसने और छीकने से नहीं फैलता। यह संक्रमित व्यक्ति की त्वचा के संपर्क से फैलता है इसलिए उसके कपड़े और बर्तन के संपर्क में आने से बचना चाहिए।
इसका भी रखें खास ध्यान
मंकीपॉक्स के संक्रमण से बचने के लिए जरूरी है कि जानवरों के संपर्क में आने से बचा जाए क्योंकि संक्रमित जानवर ने किसी व्यक्ति को काट लिया या नाखून से खरोंच दिया तो वह व्यक्ति चपेट में आ सकता है। इसलिए इस समय जानवरों को छूने खासतौर से बंदर से दूरी बनाएं। वहीं अगर किसी व्यक्ति को तेज बुखार, पीठ और गर्दन में दर्द हो और शरीर पर दाने आ रहे हो तो बिना समय गवाएं डॉक्टर की सलाह लें।