वयस्कों में डायबिटिज की बढ़ती संख्या तो चिंताजनक थी, अब बच्चों में होने वाली डायबिटीज ने परेशानी बढ़ा दी है। पीजीआई के पीडियाट्रिक्स विभाग के मुताबिक दस साल के भीतर डायबिटीज के तीन गुना केस बढ़ गए हैं।
रुकने के बजाए इनकी संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। पीजीआई का मानना है कि यदि इसी रफ्तार से केस बढ़ते रहे तो आने वाले दिनों में अभिभावकों के लिए परेशानी खड़ी हो सकती है।
उन्हें इस बारे में अवेयर होना होगा और उसके लिए कुछ भी कदम भी उठाने पड़ेंगे, तभी इस बीमारी से छुटकारा मिल सकेगा। विभाग ने बताया कि पहले टाइप वन की बीमारी तो पहले से ही बच्चों में हो रही थी, लेकिन अब टाइट-टू की संख्या बढ़ने लगी है।
इसी तरह से टीबी, मिरगी और अन्य बीमारियां भी बच्चों में बढ़ रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए पीडियाट्रिक विभाग की ओर से प्रोफेसर बीएनएस वालिया ओरिएशन आयोजित की जा रही है। इसमें 300 से अधिक देश भर के डाक्टर जुटेंगे। यह ओरिएशन कल भी जारी रहेगी।
डाक्टरों ने बताया कि पिछले साल से विभाग की ओर से प्रोफेसर बीएनएस वालिया ओरिएशन कार्यक्रम की शुरुआत की गई है।
प्रोफेसर बीएनएस वालिया ने पीजीआई में पीडियाट्रिक्स के क्षेत्र को नई ऊंचाइयां दी थी। उनके वजह से कई बीमारियों का सफल इलाज मिल पाया। उनको कार्यों को याद रखने के लिए विभाग की ओर से इस बार भी यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पद्म विभूषण व डिपार्टमेंट आफ बायोटेक्नोलाजी भारत सरकार के सेक्रेटरी प्रोफेसर एमके भान शिरकत करेंगे। वे एम्स के पूर्व फैकल्टी भी रह चुके हैं। इस दौरान अलग-अलग विषयों पर विशेषज्ञ डाक्टरों को इलाज व उनके रोकथाम के बारे में विस्तार से बताएंगे।
ऐसे रोके बच्चों में डायबिटीज
1.बच्चों को आउटडोर गेम्स खेलने दें।
2.फास्टफूड से दूर रखे।
3.टीवी व कंप्यूटर से ज्यादा चिपके मत रहने दें।
4. बच्चों का वजन न बढ़ने दें।