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रिश्वत मामले में दोषी हेड कांस्टेबल को 5 साल कैद, 30 हजार रूपये जुर्माना, कोर्ट ने की कड़ी टिप्पणी

Wed, 27 Mar 2019 12:11 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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सांकेतिक तस्वीर
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सिस्टम को भ्रष्टाचार का जिन्न निगल रहा है। देश में आर्थिक रूप से कमजोर लोग भ्रष्टाचार से पीड़ित हैं। भ्रष्टाचार से देश को अरबों का नुकसान हुआ है। सरकारी कर्मचारी के गैर-कानूनी/अवैध कार्यों में संलिप्त पाए जाने पर वह अदालत से किसी प्रकार की नरमी के लायक नहीं हैं। सीबीआई कोर्ट के विशेष जज संजीव जोशी ने यह कड़ी टिप्पणी चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस के हेड कांस्टेबल परमजीत को रिश्वत मामले में दोषी ठहराने के बाद सजा सुनाने से पहले की।

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अदालत ने दोषी परमजीत सिंह को रिश्वत केस में 5 साल कैद और 30 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। सजा सुनाए जाने के समय दोषी परमजीत ने जज से स्वास्थ्य और पारिवारिक कारणों का हवाला देकर कम सजा देने की अपील की। परमजीत ने डिस्क की समस्या के चलते ठीक ढंग से बैठ नहीं पाने की अपनी परेशानी बताई। 

इसके साथ ही कहा कि उसके पिता, पत्नी, दो बच्चे, और एक अंकल उस पर निर्भर हैं। परमजीत ने कोर्ट से कम-से कम सजा सुनाए जाने की अपील की, लेकिन सीबीआई के वकील कंवरपाल सिंह ने दोषी की अपील का विरोध करते हुए कम-से-कम 10 साल सजा और अधिक से अधिक जुर्माने की अपील की। सीबीआई के वकील ने कहा कि दोषी ने एक गरीब ऑटो चालक को परेशान और चालान न करने के एवज में एक हजार रुपये प्रतिमाह रिश्वत मांगी थी। 

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यह था मामला

सांकेतिक तस्वीर
खरड़ निवासी ऑटो चालक नरोत्तम ने सीबीआई को दी शिकायत में कहा था कि वह सेक्टर-17 बस स्टैंड से मोहाली तक ऑटो चलाता है। 2 सितंबर 2014 को किसान भवन चौक पर तैनात हेड कांस्टेबल परमजीत सिंह ने उसे परेशान और चालान न करने के एवज में मंथली रिश्वत मांगी। उसके इनकार करने पर हेड कांस्टेबल ने ऑटो का चार हजार रुपये का चालान काट दिया था। 

नरोत्तम ने चालान का भुगतान कर दिया, लेकिन हेड कांस्टेबल परमजीत सिंह ने उसे 5 सितंबर 2014 को दोबारा रोक लिया। उसने नरोत्तम से 1200 रुपये मंथली रिश्वत मांगी, लेकिन सौदा एक हजार रुपये प्रतिमाह में तय हुआ। इसके बाद ऑटो चालक ने सीबीआई से शिकायत की। नरोत्तम ने हेड कांस्टेबल परमजीत को फोन कर पैसे देने के लिए आने की जगह पूछी। 

परमजीत ने उसे सेक्टर-22/35 के किसान भवन चौक पर सुबह साढ़े 11 बजे बुलाया। जहां सीबीआई ट्रैप लगाकर तैयारी में थी। ट्रैफिक बूथ के अंदर हेड कांस्टेबल परमजीत सिंह के नरोत्तम से एक हजार रुपये रिश्वत लेते ही सीबीआई ने उसे रंगे हाथ दबोच लिया था। परमजीत सिंह ने गिरफ्त से छूटने के प्रयास में सीबीआई टीम से हाथापाई भी की थी। सीबीआई ने रिश्वत के रुपयों सहित परमजीत के कपड़ों को सील कर उससे काफी देर तक पूछताछ की थी। 
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