खरड़ निवासी ऑटो चालक नरोत्तम ने सीबीआई को दी शिकायत में कहा था कि वह सेक्टर-17 बस स्टैंड से मोहाली तक ऑटो चलाता है। 2 सितंबर 2014 को किसान भवन चौक पर तैनात हेड कांस्टेबल परमजीत सिंह ने उसे परेशान और चालान न करने के एवज में मंथली रिश्वत मांगी। उसके इनकार करने पर हेड कांस्टेबल ने ऑटो का चार हजार रुपये का चालान काट दिया था।
नरोत्तम ने चालान का भुगतान कर दिया, लेकिन हेड कांस्टेबल परमजीत सिंह ने उसे 5 सितंबर 2014 को दोबारा रोक लिया। उसने नरोत्तम से 1200 रुपये मंथली रिश्वत मांगी, लेकिन सौदा एक हजार रुपये प्रतिमाह में तय हुआ। इसके बाद ऑटो चालक ने सीबीआई से शिकायत की। नरोत्तम ने हेड कांस्टेबल परमजीत को फोन कर पैसे देने के लिए आने की जगह पूछी।
परमजीत ने उसे सेक्टर-22/35 के किसान भवन चौक पर सुबह साढ़े 11 बजे बुलाया। जहां सीबीआई ट्रैप लगाकर तैयारी में थी। ट्रैफिक बूथ के अंदर हेड कांस्टेबल परमजीत सिंह के नरोत्तम से एक हजार रुपये रिश्वत लेते ही सीबीआई ने उसे रंगे हाथ दबोच लिया था। परमजीत सिंह ने गिरफ्त से छूटने के प्रयास में सीबीआई टीम से हाथापाई भी की थी। सीबीआई ने रिश्वत के रुपयों सहित परमजीत के कपड़ों को सील कर उससे काफी देर तक पूछताछ की थी।