हाईकोर्ट ने अशफाक आलम बनाम झारखंड सरकार मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश को आधार बनाते हुए हरियाणा, पंजाब व चंडीगढ़ के लिए दिशा निर्देश जारी किए हैं। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में तीनों राज्यों को अर्नेश कुमार बनाम बिहार सरकार मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया है। हाईकोर्ट ने तीनों को आदेश दिया है कि सभी पुलिस अधिकारियों को यह निर्देश जारी करें कि दहेज उत्पीड़न के मामलों में ऑटोमेटिक गिरफ्तारी न हो, यदि गिरफ्तारी अनिवार्य हो तो इसके लिए आवश्यक कारण को दर्ज किया जाए।
हाईकोर्ट ने यह स्पष्ट कर दिया कि इन निर्देशों का पालन न करने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही उनके खिलाफ न्यायालय के आदेश की अवमानना के तहत कार्रवाई हो सकती है। जो मजिस्ट्रेट आदेश का पालन करने में विफल रहेंगे उनके खिलाफ हाईकोर्ट विभागीय कार्रवाई होगी।
सात साल से कम की सजा के प्रावधान वाले अन्य मामलों पर भी लागू
हाईकोर्ट ने आदेश में यह स्पष्ट कर दिया कि यह निर्देश केवल सीआरपीसी के सेक्शन 498-ए के मामले तक सीमित नहीं रहेंगे। ऐसे सभी अपराध जिनमें अधिकतम सजा सात साल या इससे कम है उन सभी में यह निर्देश लागू होंगे। ऐसे में राज्य इन निर्देशों के बारे में सभी पुलिस अधिकारियों को जानकारी उपलब्ध करवा दे।