दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम की लापरवाही के चलते खंभे में उतरे करंट से हुई एक व्यक्ति की मौत पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए उसके आश्रितों को 30 लाख रुपये मुआवजा जारी करने के आदेश दिए हैं। हाईकोर्ट ने यह आदेश मृतक की पत्नी व बच्चों की याचिका का निपटारा करते हुए जारी किए हैं।
याचिका में बताया गया कि याची का पति महावीर सिंह अपने भाई के साथ खेत की ओर जा रहा था कि अचानक बिजली के पोल से उसका हाथ लग गया। पोल में करंट होने के चलते उसकी मौत हो गई। इसके बाद मृतक की पत्नी ने जिला उपभोक्ता फोरम में याचिका दाखिलकर मुआवजे की मांग की। भिवानी की इस अदालत ने उनकी याचिका खारिज कर दी तो याची ने हाईकोर्ट की शरण ली।
हाईकोर्ट ने याचिका का निपटारा करते हुए कहा कि मानव जीवन को पैसे में तोला नहीं जा सकता लेकिन आश्रितों का सहारा छिन गया जिसके लिए उन्हें मुआवजा मिलना चाहिए। दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम प्रदेश में बिजली सप्लाई की कंपनी है और सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित करना उसका दायित्व है। इस मामले में उनकी लापरवाही के चलते ही पोल में करंट था ऐसे में उन्हें मुआवजे की राशि का भुगतान करना ही होगा।
परिवार को सहारा जरूरी
हाईकोर्ट ने कहा बेटी के विवाह और बेटे के कैरियर के लिए परिवार को पैसे की सख्त जरूरत है। पिता की मौत के बाद पूरा परिवार बेसहारा हो गया है। ऐसे में निगम को मृतक के परिवार को 30 लाख रूपये मुआवजा दे। मुआवजे में से दस लाख रूपये मृतक की पत्नी, दस-दस लाख की एफडी बेटे और बेटी के नाम करवाने के आदेश दिए हैं।