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विशेष रिपोर्टः मनी एक्सचेंज की आड़ में हो रहा हवाला कारोबार, ट्रेन और प्राइवेट बसें बनती हैं जरिया

Thu, 04 Apr 2019 02:09 PM IST
खुशबू गोयल दीपक शाही, अमर उजाला, जीरकपुर
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हवाला कैश
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हवाला कारोबार ट्रेनों और बसों के जरिए मनी एक्सचेंज की आड़ में होता है। पंजाब पुलिस ने हाल ही में हवाला कारोबार के लाखों रुपये की बरामदगी की है। पुलिस का मानना है कि यह राशि पंजाब के किसी एनआरआई की है, जो काला धन सफेद करने के लिए भेजी गई है। इस खेल को देश की राजधानी दिल्ली से हवाला कारोबारी अंजाम दे रहे हैं। कमीशन के लालच में आकर मनी एक्सचेंज के लाखों रुपयों को अंबाला-दिल्ली मार्ग पर चलने वाले निजी बस चालक पंजाब में डिलीवर करते हैं।
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बुधवार को नेशनल हाईवे पर निजी बस से पकड़े गए 54 लाख 90 हजार 530 रुपये के तार भी हवाला कारोबार से जोड़कर पुलिस जांच कर रही है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि यूरोप, उत्तरी अमेरिका में नागरिकता नहीं मिलने के चलते अस्थायी तौर पर सैकड़ों लोग रह रहे हैं। वह जो रुपये विदेश में कमाते हैं, उसे कानूनी तरीके से भेजना कठिन है, इसलिए एनआरआई हवाला कारोबारियों की मदद लेते हैं।

कमीशन एजेंट ट्रेन और बस का करते हैं ज्यादा इस्तेमाल
हवाला राशि को एक से दूसरी जगह पहुंचाने के लिए कमीशन एजेंट ट्रेन और बस का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं। इनका एक लाख रुपये पर 100 से 500 रुपये तक कमीशन होता है। इनके साथ एक जासूस भी चलता है, जिसकी जानकारी एजेंटों को नहीं होती है। पुलिस सूत्रों की मानें तो लाखों के कैश के साथ पकड़ा गया बस चालक कैश पहुंचाने के एवज में कैश का 15-20 फीसदी कमीशन लेता है। वह अब तक हवाला कारोबार से जुड़े रुपये करीब 5 बार पंजाब में डिलीवर कर चुका है।
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हवाला कारोबार का गढ़ बनता जा रहा है पंजाब

हवाला कारोबार को अंजाम देने वाले कई मनी एक्सचेंजरों पर पंजाब पुलिस और ईडी (इंफोर्समेंट डायरेक्टोरेट) छापामारी कर चुकी है, लेकिन बावजूद इसके पंजाब हवाला कारोबार का गढ़ बनता जा रहा है। विदेश में बैठे भारतीय लोग कोड के आधार पर अपने घरों तक रुपया पहुंचा रहे हैं। नतीजा देश की अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान हो रहा है।

क्या है हवाला कारोबार
यह रुपये ट्रांसफर करने का ऐसा माध्यम, जिसमें हवाला कारोबारी और फंड देने वाले एनआरआई अवैध तरीके से अपना काला धन सफेद करते हैं। हवाला विदेशी मुद्रा का एक जगह से दूसरी जगह गैर-कानूनी रूप से हस्तांतरण है। यह किसी एजेंट के माध्यम से अंजाम दिया जाता है। यह राशि के लेनदेन का अवैध तरीका है। हवाला राजनीतिक दलों तक रुपयों पहुंचाने का सबसे सरल तरीका भी है।

क्यों बढ़ रहा हवाला कारोबार
कानूनी तौर पर मनी एक्सचेंज करने वाली कंपनियां 300 से 1200 डॉलर तक विदेश से भारत भेजने के लिए न्यूनतम शुल्क 500 से 800 रुपये प्रति ट्रांजेक्शन लेती हैं, जबकि हवाला कारोबारी 300 रुपये में भी कैश घर तक पहुंचा देते हैं। पंजाब में अवैध मनी एक्सचेंजर का नेटवर्क गांव-गांव तक होने के कारण लोगों को विदेशों में अपने बेटों से भेजा जाने वाला पैसा कुछ ही घंटों में घर पर ही मिल जाता है और फीस भी कम लगती है।
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व्हाट्सएप पर कोड के माध्यम से चल रहा धंधा

पुलिस की मानें तो हवाला कारोबार व्हाट्सएप कॉलिंग और मैसेज के जरिये चल रहा है। यह धंधा कोड पर चलता है। उदाहरण के लिए यहां रुपये जमा कीजिए और व्हाट्सएप से किसी खास नोट का नंबर उस शहर के किसी एजेंट तक पहुंच जाता है, जहां राशि रिसीव करनी है। पहले यह मैनुअल चलता था। किसी नोट का आधा हिस्सा फाड़कर रख लिया और आधा पैसे की डिलिवरी लेने वाले के पास भेज दिया जाता था। ठिकाने पर दोनों टुकड़ों का मिलान कर राशि अदा कर दी जाती थी, लेकिन अब तो व्हाट्सएप पर तत्काल कोड या नोट का नंबर पहुंच जाता है।

इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर आयकर विभाग की नजर
लोकसभा चुनाव के खत्म होने तक आयकर विभाग चंडीगढ़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भी नजर रख रहा है, क्योंकि चंडीगढ़ एयरपोर्ट और राज्य के अन्य एयरपोर्ट पर आयकर विभाग का एक अफसर भी तैनात किया जा रहा है। इसके अलावा जिन हवाई पट्टियों पर नियमित उड़ान नहीं होती, वहां पर पुलिस की बजाय केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के जवान तैनात होंगे। आयकर विभाग के सूत्र बताते हैं कि चुनावी दौर में नकदी का प्रवाह अचानक से बढ़ता है। आम तौर पर इसका इस्तेमाल चुनाव प्रभावित करने के लिए किया जाता है। इसे रोकने के लिए हवाई अड्डों पर निगरानी बढ़ाई जा रही है।

यह कहते हैं डीएसपी
डीएसपी सिमरनजीत सिंह लंग ने बताया कि बस चालक को किसी ने कैश होशियारपुर में सौंपने के लिए कहा था। उन्होंने बताया कि पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद वह पैसों से जुड़ी कोई रसीद या रिकॉर्ड नहीं दिखा सका और न ही संतोषजनक जवाब नहीं दे सका, इसलिए मामले को हवाला कारोबार से जोड़ते हुए इसकी जांच की जा रही है।
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