नरेंद्र मोदी के एक मुख्यमंत्री को पाकिस्तानी कहे जाने का मामला सामने आया है। इसके बाद से राजनीति में बवाल मचा है। मामला हरियाणा का है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को जाट नेता हवा सिंह सांगवान ने एक बार फिर पाकिस्तानी कह डाला।
सोनीपत पहुंचे सांगवान ने कहा कि यह हरियाणा की बदनसीबी है कि प्रदेश का मुख्यमंत्री एक पाकिस्तानी है। कोई जन्म लेने से हरियाणवी नहीं हो जाता। सीएम मूलत: पाकिस्तानी हैं और मैंने यह कहकर कोई गलत बात नहीं कही।
सांगवान ने छोटूराम धर्मशाला में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि प्रदेश का मुख्यमंत्री हरियाणा का ही कोई व्यक्ति होना चाहिए। सीएम खट्टर ने हरियाणा के लोगों को दिमागी रूप से कमजोर बताकर सीधे तौर पर हरियाणवी मूल के लोगों के स्वाभिमान पर चोट की है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे।
बिहारी हरियाणवी नहीं बन सकते, सीएम कैसे बन गए
सांगवान ने सवाल किया कि अगर बिहार से आने वाले परिवारों के बच्चे हरियाणा में जन्म लेकर हरियाणवी नहीं हो सकते, तब सीएम हरियाणवी कैसे बन गए? हरियाणा के लोगों का स्वाभिमान बचाने के लिए वे हरियाणा स्वाभिमान बचाओ संस्था बनाएंगे।
इतना ही नहीं, सांगवान ने कहा कि हिंदू पंजाबियों के गुरू महामंडलेश्वर स्वामी धर्मराज ने भी पानीपत के मुलतानी भवन में बयान दिया था कि देश में पहली बार पंजाबी मुख्यमंत्री बना है। इससे क्या समझा जाए? इस मौके पर एडवोकेट ब्रह्मसिंह दहिया, महेंद्र सिंह मोर, वेदप्रकाश, करतार सिंह, राजकुमार व नरेंद्र भी मौजूद रहे।
ओछी राजनीति कर रहे सांगवान, अब बर्दाश्त से बाहर
केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने जाट नेता हवा सिंह सांगवान द्वारा मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को पाकिस्तानी कहे जाने पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। एक निजी स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे गुर्जर ने कहा कि सांगवान ओछी सोच के व्यक्ति हैं। इस तरह की बयानबाजी अब बर्दाश्त से बाहर हो रही है।
रविवार को राज्यमंत्री कृष्ण कुमार बेदी की ओर से पीएम मोदी पर की गई कथित टिप्पणी पर गुर्जर ने कुछ भी कहने से इंकार कर दिया। केवल इतना कहा कि स्वच्छता अभियान से पूरे देश के लोगों में साफ-सफाई के प्रति सोच बदली है।
हट सकती है धारा 370, संविधान में नहीं स्थायी दर्जा
कार्यक्रम में आरएसएस की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य इंद्रेश कुमार से जब कश्मीर से धारा 370 के हटाने के संबंध में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि इस धारा को संविधान में ही अस्थायी रूप से वर्णित किया गया है।
इस धारा का संविधान में कोई स्थायी दर्जा ही नहीं है। राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य ने बीफ मुद्दे पर कहा कि इसे लेकर पूरी तरह राजनीति की जा रही है, जो गलत है। उन्होंने कहा कि मनुष्य के जीवन का आरंभ ही गाय के दूध से होता है।