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सीएम के ससुराल में काला पीलिया का कहर

Sun, 25 Jan 2015 08:16 PM IST
भारत भूषण मित्तल/अमर उजाला, बठिंडा
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मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के ससुराल गांव चक्क फतेह सिंह वाला में काला पीलिया कहर बरपा रहा है और सेहत विभाग कुंभकरणी नींद में है। बठिंडा से 20 किलोमीटर दूरी पर स्थित इस गांव में काला पीलिया के कारण लोग सहमे हुए हैं और यहां के 35 लोग इस भयानक बीमारी की चपेट में हैं। कुछ ही समय में गांव के 5 लोगों की काला पीलिया से मौत हो चुकी है और नए मरीजों के सामने आने का सिलसिला लगातार जारी है।
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गांववासियों राजा सिंह व जसविंदर सिंह का कहना है कि पूरा गांव ही इस बीमारी की गिरफ्त में है। पीड़ित लोग उपचार के लिए पंजाब सरकार व सेहत विभाग से आस लगाए बैठे हैं, लेकिन सेहत विभाग की ओर से अभी तक इस गांव के लोगों को बीमारी से बचाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए।

गांववासियों ने सेहत विभाग के अधिकारियों से मांग की थी कि उनके गांव में कैंप लगाकर लोगों की जांच की जाए, जिससे पता चल सके कि गांव के कितने और लोग इस घातक बीमारी से पीड़ित हैं, लेकिन सेहत विभाग के अधिकारी उनके गांव में कैंप लगाने की बजाए उनको बठिंडा के सिविल अस्पताल में आकर जांच करवाने को कह रहे हैं।
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लोगों का कहना है कि गांव के सीवरेज का पानी लीक होकर पीने वाले पानी में मिल जाता है, जिससे पेयजल दूषित हो चुका है और उससे बीमारी बढ़ रही है। इस बीमारी से कुछ दिन पहले गांव के सुखमंदर सिंह और परगट सिंह की मौत हो चुकी है।
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अधिकारियों व डॉक्टरों की एक टीम का गठन

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक हेपेटाइटिस ए और सी को काला पीलिया कहा जाता है। हेपेटाइटिस ए 99.9 प्रतिशत इलाज योग्य है, मरीज छह सप्ताह के भीतर पूरी तरह ठीक हो जाता है। दूषित पानी पीने से काला पीलिया होने का डर रहता है। लेकिन हेपेटाइटिस सी खतरनाक है और यह एड्स की तरह पीड़ित व्यक्ति के खून से संपर्क होने पर हो जाता है।

कुंदन कुमार कौल, एसएमओ, नथाना ने बताया ‌कि विभाग ने गांव में टीम गठित कर जांच करवाई है। फ्री टेस्ट करवाए और लोगों को सस्ते रेट पर दवाएं उपलब्ध करवाई। इलाके में 22 मरीज सामने आए हैं। मौतों के संबंध में हमें कोई पता नहीं।

डॉ. तेजवंत सिंह रंधावा, सिविल सर्जन, बठिंडा ने बताया कि टीम गठित कर प्रभावित क्षेत्र में भेजी जाएगी। अगर कोई पीड़ित पाया जाता है तो इलाके में कैंप लगाया जाएगा। फ्री चेकअप होगा और जनऔषधि स्टोर से दवा भी मुफ्त दी जाएगी।
 
सुरजीत कुमार ज्याणी, सेहत मंत्री ने बताया कि सेहत विभाग ने इस बीमारी के उपचार के लिए प्रयोग की जाने वाली दवाओं की कीमत कम की है। उन्होंने कहा कि वह सोमवार को ही सेहत विभाग के अधिकारियों व डॉक्टरों की एक टीम का गठन कर गांव चक्क फतेह सिंह वाला में जांच कैंप लगाने को भेज देंगे। उन्होने कहा कि अगर सेहत विभाग के किसी अधिकारी व कर्मी की इस मामले में लापरवाही सामने आई तो उसके खिलाफ कारवाई की जाएगी।
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