चंडीगढ़। हैट्रिक बॉल पर मैं काफी असमंजस में थी कि क्या करूं, बाउंसर डालूं या फिर स्विंग करवाऊं। कप्तान जेमिमा रोड्रिग्स मेरे पास आईं तो मैने उनको बताया...उन्होंने कहा-अपना स्टॉप बाल डालो। बस मैने वही किया और नतीजा सामने था। यह कहना है चंडीगढ़ की हैट्रिक गर्ल नंदिनी शर्मा का।
महिला प्रीमियर लीग में की गई हैट्रिक से क्रिकेट जगत की नई सनसनी बनी नंदिनी शर्मा ने कहा कि उनकी टीम ने उनको काफी सपोर्ट किया जिसकी वजह से यह संभव हो सका। नंदिनी शर्मा ने कहा कि जब उनको टीम में शामिल किया गया तो वह काफी नर्वस थीं कि विश्व चैंपियन टीम की खिलाड़ियों के साथ कैसे खेलेंगी। जब टीम में जॉइन किया तो कप्तान जेमिमा रोड्रिग्स, शैफाली, स्नेह राणा ने टीम का माहौल एकदम शानदार बना दिया है।
यह वही नंदिनी शर्मा हैं जिनकी उम्र देखकर कोच ने उनको टीम में रखा तो पर प्लेइंग नहीं दी थी, वजह थी कोच का डर कि कहीं बच्चे को चोट न लग जाए। अब नंदिनी की गेंदों की रफ्तार और स्विंग क्रिकेटरों को अचंभित कर देती है। नंदिनी ने बताया कि जिन्होंने 7 वर्ष की उम्र में भाई अंकित वत्स के साथ टेनिस बाल से क्रिकेट खेलना शुरू किया था। नंदिनी ने कहा कि उन्होंने रफ्तार के साथ गेंदों की स्विंग पर काफी मेहनत की। नंदिनी ने राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी के कैंप में आउटस्विंग पर कड़ी मेहनत की थी।
गुजरात जायंट्स के खिलाफ ली थी हैट्रिक
नंदिनी शर्मा ने दिल्ली कैपिटल्स की ओर से खेलते हुए गुजरात जायंट्स के खिलाफ हैट्रिक ली और इतिहास रच डाला था। नंदिनी शर्मा को दिल्ली कैपिटल्स ने 2026 की नीलामी में नंदिनी को 20 लाख रुपये में टीम में शामिल किया था। उन्होंने अपने डेब्यू मैच में मुंबई इंडियंस के खिलाफ दो विकेट लेकर अपनी आमद का अहसास करा दिया था। लेकिन गुजरात जायंट्स के खिलाफ उनका प्रदर्शन (5/33) ऐतिहासिक रहा। 20 सितंबर 2001 को जन्मी नंदिनी ने घरेलू क्रिकेट में चंडीगढ़ की सीनियर महिला टीम, नॉर्थ जोन और इंडिया-बी का प्रतिनिधित्व किया।
एलआईसी अकादमी में भी सीखा
अंकित ने बताया कि नंदिनी ने सेक्टर-26 के गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल में एलआईसी की अकादमी में सीखती थी। वहां उनको राजेश पाटा ने सिखाया। नंदिनी को उन्होंने एक मैच में एलआईसी की लड़कियों के खिलाफ गेंदबाजी के लिए मौका दिया तो नंदिनी ने एलआईसी की खिलाड़ियों को आउट कर दिया। उसके बाद ग्राउंड में जाने से डर रही थी कि कहीं कोच डांटे न। बाद में जब सबने समझाया तो गईं।