प्रस्तावित ईओआरसी की लंबाई 135 किमी., पलवल से यूपी के रास्ते सोनीपत से जोड़ने का प्रस्ताव
चंडीगढ़। पलवल से यूपी के रास्ते सोनीपत को जोड़ने वाला ईस्टर्न ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर (ईओआरसी) की व्यवहार्यता जांचने का काम अब हरियाणा रेल अवसरंचना विकास निगम (एचआरआईडीसी) करेगा। उत्तर प्रदेश सरकार ने यह कार्य निगम को सौंपा है। प्रस्तावित 135 किलोमीटर लंबा ईओआरसी पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे के समानांतर चलेगा, जो हरियाणा के पलवल को उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद, नोएडा और बागपत से होते हुए सोनीपत से जोड़ेगा। इस कॉरिडोर का करीब 90 किलोमीटर हिस्सा उत्तर प्रदेश में, जबकि शेष 45 किलोमीटर हरियाणा में पड़ेगा। ईओआरसी पलवल को उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद, नोएडा और बागपत से होते हुए सोनीपत से जोड़ेगा। इस परियोजना में करीब 65 सौ करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। यह जानकारी मुख्य सचिव व एचआरआईडीसी के अध्यक्ष टीवीएसएन प्रसाद ने निगम के निदेशक मंडल की 28वीं बैठक की अध्यक्षता करने के दौरान दी।
निगम के प्रबंध निदेशक राजेश अग्रवाल ने बताया, नरवाना और उकलाना (लगभग 27 किमी.) के बीच एक नई रेल लाइन और कुरुक्षेत्र (लगभग 10 किलोमीटर) में एक नई कॉर्ड लाइन के निर्माण के लिए व्यवहार्यता का अध्ययन किया जा रहा है। वहीं, रेलवे बोर्ड ने करनाल-यमुनानगर नई रेल लाइन के लिए अंतिम स्थान सर्वेक्षण को मंजूरी दे दी है। निगम रेल मंत्रालय से शीघ्र मंजूरी प्राप्त करने के लिए काम कर रहा है।
फरुखनगर-झज्जर नई रेल लाइन के लिए सर्वेक्षण को मंजूरी
बैठक में जानकारी दी गई कि रेलवे बोर्ड ने फरुखनगर-झज्जर नई रेल लाइन के लिए अंतिम स्थान सर्वेक्षण को मंजूरी दे दी है, जिसका उद्देश्य इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा दिल्ली और महाराजा अग्रसेन एयरपोर्ट, हिसार के बीच रेल संपर्क में सुधार करना है। एचआरआईडीसी की ओर से कैथल रेलवे स्टेशन सहित कैथल रेलवे ट्रैक को एलिवेट करने के लिए व्यवहार्यता का अध्ययन किया जा रहा है, ताकि पहले से नियोजित तीन लेवल क्रॉसिंग को खत्म किया जा सके। इस दौरान अग्रवाल ने बताया केईटी परियोजना, जिसे शुरू में हरियाणा सरकार और रेल मंत्रालय के बीच लागत-बंटवारे के आधार पर मंजूरी दी गई थी, को दोनों पक्षों से धनराशि प्राप्त हुई है। बैठक में लोक निर्माण (भवन एवं सड़कें) विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अनुराग अग्रवाल, निगरानी एवं समन्वय की विशेष सचिव प्रियंका सोनी समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।