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अफसरों की कार्यशैली पर फूटा विधायकों का गुस्सा, विस अध्यक्ष से बोले- फोन तक नहीं उठाते अधिकारी

Thu, 21 May 2020 11:50 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

  • विधानसभा अध्यक्ष के पास पहुंची लिखित शिकायतें, वीडियो कॉन्फ्रेंस में विधायकों ने उठाया मुद्दा
  • स्पीकर ने कहा विधानसभा की अनुशासनात्मक समिति करेगी कार्रवाई, विधानसभा अध्यक्ष सख्त
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विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता
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विस्तार
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विधानसभा अध्यक्ष द्वारा की गई वीडियो कॉन्फ्रेंस में विधायकों ने अफसरशाही के हावी होने का मुद्दा उठाया। विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता के सामने अधिकारियों द्वारा उनके फोन नहीं उठाने का मसला उठाया। गुप्ता ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए विधायकों से लिखित शिकायत देने को कहा।

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उन्होंने कहा कि वह ऐसे मामलों पर संज्ञान लेंगे और इन्हें विधानसभा की विशेषाधिकार समिति के सम्मुख रखा जाएगा। कमेटी दोषी अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई कर सकती है। बैठक में विधानसभा कमेटियों के गठन और उनकी कार्यशैली को प्रभावशाली बनाने के लिए विधायकों से सुझाव मांगे गए। 


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इस दौरान विधायकों ने कमेटियों के गठन पर सुझाव देते हुए अपने क्षेत्र की समस्याएं भी उठाईं। आज की कॉन्फ्रेंस में कई विधायक शामिल हुए। शेष 11 जिलों के विधायकों के साथ बैठक शुक्रवार को होगी। विधायकों ने कहा कि अधिकारी लॉकडाउन का बहाना बनाकर अक्सर उनका फोन नहीं उठाते। 

अगर फोन उठा भी लेते हैं तो बताए हुए काम नहीं करते। इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि अफसरों द्वारा विधायकों के फोन नहीं उठाना गंभीर मामला है। अधिकारियों को यह बात अच्छे से समझनी चाहिए कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में अफसर जनसेवक और विधायक जनप्रतिनिधि हैं। 

अफसरों को काम बताना जनता के चुने हुए प्रतिनिधि का दायित्व है। उनके इस दायित्व निर्वहन के लिए ही अधिकारियों को नियुक्त किया गया है। अगर कोई अधिकारी जनप्रतिनिधियों के बताए कार्यों में कोताही बरतता है इस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

किरण चौधरी
वीडियों कॉन्फ्रेंस के दौरान कांग्रेस विधायक किरण चौधरी ने कहा कि कमेटियों की कार्यशैली को प्रभावी बनाने के लिए पुराने और तत्काल महत्व के विषयों का वर्गीकरण कर उन पर काम करना चाहिए। कमेटियों का शिक्षण भी आवश्यक है।

सीमा त्रिखा
बड़खल से सीमा त्रिखा ने जल एवं प्राकृतिक संसाधनों पर संसदीय कमेटी बनाने सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि जल संसाधनों का संरक्षण समय की मांग है।

लक्ष्मण नापा
रतिया से विधायक लक्ष्मण नापा ने कहा कि अगर कोरोना संकट के कारण चंडीगढ़ में समिति की बैठकें करना संभव नहीं हो पा रही हो तो प्रदेश के किसी अन्य स्थान पर बैठकें शुरू कर लेनी चाहिए।
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संजय सिंह
सोहना से विधायक संजय सिंह ने भी अधिकारियों द्वारा फोन नहीं सुनने का विषय उठाया। बिशंभर वाल्मीकि ने कहा कि संसदीय कमेटियों में जिला स्तरीय अधिकारियों को भी बुलाया जाना चाहिए। ऐसा करने से वे इन कमेटियों की गंभीरता को समझेंगे और अपने कार्य के प्रति और अधिक जवाबदेह होंगे।

नीरज शर्मा
नीरज शर्मा ने कहा कि कमेटियां मात्र सैर सपाटा बन कर न रह जाए। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के दौरान सभी ने श्रमिकों का महत्व समझा है। इस वर्ग की समस्याएं भी बढ़ी हैं। इसलिए इस विषय पर भी कमेटी का गठन किया जाना चाहिए।

रामकुमार गौतम
नारनौंद से जजपा विधायक रामकुमार गौत्तम ने अनाज मंडियों में गेहूं खरीद का मसला उठाया। इसके साथ ही उन्होंने विधानसभा कमेटियों को और असरदार बनाने की बात कही।

गीता भुक्कल
झज्जर से कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल ने कहा कि कोरोना संकट से निटपने के लिए भी विधानसभा समिति का गठन किया जाना चाहिए।
विधायक जनप्रतिनिधि हैं। वे अपना निजी काम नहीं लेकर जाते हैं। जनता से संबंधित और अपने विधानसभा क्षेत्र से संबंधित काम ही अधिकारियों को कहते हैं। इस विषय पर पूरा संज्ञान लिया जाएगा। ज्ञान चंद गुप्ता, स्पीकर, हरियाणा विधानसभा
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