अफसरों को काम बताना जनता के चुने हुए प्रतिनिधि का दायित्व है। उनके इस दायित्व निर्वहन के लिए ही अधिकारियों को नियुक्त किया गया है। अगर कोई अधिकारी जनप्रतिनिधियों के बताए कार्यों में कोताही बरतता है इस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
किरण चौधरी
वीडियों कॉन्फ्रेंस के दौरान कांग्रेस विधायक किरण चौधरी ने कहा कि कमेटियों की कार्यशैली को प्रभावी बनाने के लिए पुराने और तत्काल महत्व के विषयों का वर्गीकरण कर उन पर काम करना चाहिए। कमेटियों का शिक्षण भी आवश्यक है।
सीमा त्रिखा
बड़खल से सीमा त्रिखा ने जल एवं प्राकृतिक संसाधनों पर संसदीय कमेटी बनाने सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि जल संसाधनों का संरक्षण समय की मांग है।
लक्ष्मण नापा
रतिया से विधायक लक्ष्मण नापा ने कहा कि अगर कोरोना संकट के कारण चंडीगढ़ में समिति की बैठकें करना संभव नहीं हो पा रही हो तो प्रदेश के किसी अन्य स्थान पर बैठकें शुरू कर लेनी चाहिए।
संजय सिंह
सोहना से विधायक संजय सिंह ने भी अधिकारियों द्वारा फोन नहीं सुनने का विषय उठाया। बिशंभर वाल्मीकि ने कहा कि संसदीय कमेटियों में जिला स्तरीय अधिकारियों को भी बुलाया जाना चाहिए। ऐसा करने से वे इन कमेटियों की गंभीरता को समझेंगे और अपने कार्य के प्रति और अधिक जवाबदेह होंगे।
नीरज शर्मा
नीरज शर्मा ने कहा कि कमेटियां मात्र सैर सपाटा बन कर न रह जाए। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के दौरान सभी ने श्रमिकों का महत्व समझा है। इस वर्ग की समस्याएं भी बढ़ी हैं। इसलिए इस विषय पर भी कमेटी का गठन किया जाना चाहिए।
रामकुमार गौतम
नारनौंद से जजपा विधायक रामकुमार गौत्तम ने अनाज मंडियों में गेहूं खरीद का मसला उठाया। इसके साथ ही उन्होंने विधानसभा कमेटियों को और असरदार बनाने की बात कही।
गीता भुक्कल
झज्जर से कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल ने कहा कि कोरोना संकट से निटपने के लिए भी विधानसभा समिति का गठन किया जाना चाहिए।
विधायक जनप्रतिनिधि हैं। वे अपना निजी काम नहीं लेकर जाते हैं। जनता से संबंधित और अपने विधानसभा क्षेत्र से संबंधित काम ही अधिकारियों को कहते हैं। इस विषय पर पूरा संज्ञान लिया जाएगा। ज्ञान चंद गुप्ता, स्पीकर, हरियाणा विधानसभा