हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता।
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हरियाणा को नई विधानसभा के लिए जमीन देने पर राजनीति गरमा गई है। विपक्ष के हमलों के बीच विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता ने मोर्चा संभालते हुए नई विधानसभा की बात और बुलंद कर दी है। उन्होंने दिल्ली और चंडीगढ़ का हवाला देते हुए कहा कि दिल्ली में सभी प्रदेशों के अलग-अलग भवन हैं। चंडीगढ़ में भी जमीन खरीदने को लेकर कोई पाबंदी नहीं है। यदि हरियाणा जमीन खरीद कर अपनी विधानसभा बनाना चाहता है तो उसमें आपत्ति क्या है।
अपने कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि जमीन किस तरह से ली जाएगी यह निर्णय होना बाकी है। सरकार जमीन खरीद भी सकती है, लीज पर भी ले सकती है और जमीन के बदले उतनी ही जमीन हरियाणा में दे सकती है। अंतिम निर्णय जो होगा उसी के आधार पर फैसला लिया जाएगा। गुप्ता के अलावा शिक्षा मंत्री कंवर पाल गुर्जर और निकाय मंत्री कमल गुप्ता ने भी विपक्ष के हमलों का विरोध किया है। उन्होंने कहा है कि हम पंचकूला या फरीदाबाद में क्यों विधानसभा बनाएं। चंडीगढ़ पर हरियाणा का पूरा हक है, यहीं नई विधानसभा बनाई जाएगी।
हुड्डा का विरोध बेवजह
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा केवल विपक्ष के नेता होने कि वजह से विरोध कर रहे हैं। हुड्डा 10 साल सीएम रहे उनकी सरकार में पंजाब द्वारा बनाए एक्ट के अनुरूप विधानसभा चलती थी, हमने इसमें बदलाव किया है, आवश्यकता के अनुसार नई विधानसभा का प्रारूप रखा गया है। मालूम हो कि हुड्डा ने कहा है कि विधानसभा के लिए अलग जमीन मांगने से चंडीगढ़ पर हरियाणा का हक कमजोर होगा।
कांग्रेस में ही दो धुरी
पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा जहां अलग विधानसभा का विरोध कर रहे हैं। वहीं हरियाणा कांग्रेस प्रभारी विवेक बंसल विधानसभा के पक्ष में है। उन्होंने हुड्डा का विरोध तो नहीं किया लेकिन पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री को आड़े हाथों लिया है। बंसल ने कहा है कि वे गलत बयान न दें। चंडीगढ़ पर हरियाणा का पूरा हक है। हरियाणा की नई विधानसभा बनाने से किसी को क्या दिक्कत है।