हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (हुडा) से रियायती दाम पर प्लॉट लेकर प्रदेश में फाइव स्टार अस्पताल बनाए जा रहे हैं, लेकिन सस्ते प्लॉट के एवज में तय की गई गाइडलाइन को यह अस्पताल पालन नहीं कर रहे। इसके खिलाफ पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में दायर एक जनहित याचिका पर अगली सुनवाई 15 सितंबर को होगी।
असीम तकयार की जनहित याचिका में कहा गया है कि गुड़गांव में कई बड़े अस्पतालों के निर्माण के लिए हुडा ने रियायती दामों पर भूमि आवंटित की। जमीन देते समय यह शर्त रखी गई थी कि भूमि लेने वाले अस्पताल में 20 प्रतिशत बिस्तर गरीब लोगों के लिए सामान्य भुगतान का महज 30 प्रतिशत ही लेगा। इसके साथ ही अस्पताल की ओपीडी 20 प्रतिशत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों के लिए फ्री होगी।
याचिका में कहा गया कि सूचना के अधिकार के तहत उन्होंने सरकार से जानकारी मांगी थी कि क्या इन अस्पतालों में गरीब लोगों को ये लाभ दिए जा रहे हैं। इस पर सरकार के पास नाममात्र की जानकारी मौजूद थी। हाईकोर्ट ने इस मामले में अब तक हुई सुनवाई के दौरान हरियाणा के स्वास्थ्य सेवा निदेशक, गुड़गांव के मेदांता अस्पताल, आरटेमिस मेडिकेयर सर्विसेस प्राइवेट लिमिटेड, फोर्टिस मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट, एस्टेट ऑफिसर हुडा को नोटिस जारी किया है।