पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के वकीलों ने बुधवार को हरियाणा प्रदेश प्रशासनिक अधिकरण के गठन के खिलाफ अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखा। हाईकोर्ट बार के वकीलों ने गेट नंबर एक के पास धरना दिया और कोर्ट स्टाफ को छोड़कर अन्य किसी को भी कोर्ट में जाने नहीं दिया। हाईकोर्ट बार की कई दिनों से जारी हड़ताल के चलते बुधवार को हाईकोर्ट के पांच वकीलों ने इस विषय पर गतिरोध समाप्त करने के लिए हरियाणा के एडवोकेट जनरल से मुलाकात की और कुछ समय के लिए हरियाणा प्रदेश प्रशासनिक अधिकरण के गठन को टालने की मांग की।
लेकिन एडवोकेट जनरल ने साफ तौर पर कह दिया कि किसी भी सूरत में प्रशासनिक अधिकरण के गठन को टाला नही जाएगा। सरकार के पास अब इस तरह का निर्णय लेने का अधिकार नही है। सरकार के इस रवैये से साफ हो गया हाईकोर्ट के वकीलों की हड़ताल कई दिन और चलने की संभावना हैं। वकीलों ने वीरवार सुबह 8:30 बजे एक बैठक कर आगे की रणनीति तय करने का निर्णय लिया हैं। बार एसोसिएशन के प्रधान दयाल प्रताप रंधावा का कहना है कि इस तरह के ट्रिब्यूनल और कमीशन डेमोक्रेसी के लिए खतरा हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार हाईकोर्ट की पावर को कम करना चाहती है। इसलिए ट्रिब्यूनल और कमीशन बना देती है, ताकि सरकार से जुड़े मामले हाईकोर्ट न पहुंचे और उन्हें निचले लेवल पर ही रफा दफा कर दिया जाए। वहीं पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट बार ऐसोसिएशन ने हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ की सभी बार एसोसिएशन से आग्रह किया है कि वो हरियाणा प्रशासनिक अधिकरण के विरोध में हाईकोर्ट बार ऐसोसिएशन का साथ दें और स्थानीय स्तर पर हरियाणा प्रशासनिक अधिकरण का विरोध करें।