गुरुग्राम के फोर्टिस अस्पताल में बच्ची की मौत का मामला अस्पताल प्रशासन के लिए गले की फांस बन गया है। स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए अस्पताल पर एफआईआर दर्ज करने और ब्लड बैंक का लाइसेंस तुरंत प्रभाव से रद्द करने के आदेश जारी कर दिए हैं। इतना ही नहीं हरियाणा अर्बन अथॉरिटी को पत्र लिख कर फोर्टिस अस्पताल की जमीन की लीज कैंसिल करने के आदेश भी दिए हैं।
मंत्री अनिल विज ने बताया कि डेंगू एक नोटिफाइएबल डिजीज है। इसके बारे में सरकार को बताना जरूरी होता है जोकि अस्पताल प्रशासन द्वारा नहीं बताया गया। ऐसे में छह महीने की सजा का प्रावधान है और उसका भी नोटिस दे दिया गया है। गुरुग्राम के फोर्टिस अस्पताल द्वारा सरकार से सस्ते दामों पर जमीन लेते समय एमओयू साइन किया गया था जिसमें यह स्पष्ट लिखा गया था कि 20 प्रतिशत बेड गरीब लोगों के लिए रखें, जोकि अस्पताल प्रशासन उपलब्ध नहीं करवा रहा है।
उल्लेखनीय है कि दिल्ली के द्वारका में रहने वाले जयंत सिंह की सात साल की बेटी आध्या को 27 अगस्त से तेज बुखार था। दूसरे ही दिन उसे रॉकलैंड अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां दो दिन भर्ती रहने के बाद उन्होंने गुरुग्राम के फोर्टिस अस्पताल में रेफर कर दिया। डॉक्टरों ने बच्ची को अगले दस दिन लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखा। 14 सितंबर को बच्ची की मौत हो गई। आध्या को 15 दिन तक फोर्टिस हॉस्पिटल में भर्ती रखा गया था। अस्पताल ने इसके लिए उन्हें 16 लाख का बिल दिया।