अदालत ने एससी अभ्यर्थी की टीजीटी पद पर नियुक्ति की दावेदारी को खारिज करने के आयोग के फैसले को किया रद्द
-आयोग पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाते हुए यह राशि याचिकाकर्ता को देने का आदेश
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग को फटकार लगाते हुए एक अनुसूचित जाति वर्ग के अभ्यर्थी की प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी) पद पर नियुक्ति की दावेदारी को खारिज करने को कानून का खुला उल्लंघन करार दिया है। जस्टिस त्रिभुवन दहिया की अध्यक्षता वाली पीठ ने आयोग की कार्रवाई को मनमाना और अवैध ठहराते हुए आयोग पर एक लाख जुर्माना लगाते हुए यह राशि याचिकाकर्ता को अदा करने का आदेश दिया। हाईकोर्ट ने यह आदेश पंचकूला निवास हरभजन कुमार की याचिका को स्वीकार करते हुए जारी किया। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि 27 जुलाई 2024 को घोषित परिणाम के आधार पर कोई भी नई नियुक्ति नहीं की जाएगी। इसके साथ ही सरकार से विषय विशेषज्ञों की मूल रिपोर्ट पर विस्तृत उत्तर दाखिल करने का निर्देश दिया है। उत्तर में यह स्पष्ट करना होगा कि विशेषज्ञों की नियुक्ति कैसे की गई, उनकी योग्यता क्या थी।
आयोग ने अभ्यर्थी को अनुचित मुकदमेबाजी में घसीटा
हाईकोर्ट ने कहा, आयोग ने कानून की अनदेखी करते हुए याचिकाकर्ता का चयन निरस्त किया। उसे अनुचित मुकदमेबाज़ी में घसीटा गया, जो मानसिक उत्पीड़न व अपमानजनक था। कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता ने गणित विषय में हरियाणा शिक्षक पात्रता परीक्षा पास कर रखी थी, जो कि पात्रता के लिए पर्याप्त है, जैसा कि पहले ही सुमन बनाम हरियाणा राज्य मामले में निर्णय हो चुका है। याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाते हुए 2 फरवरी 2023 को जारी उस आदेश को रद्द करने की मांग की थी, जिसमें उसे विषय-विशेष में हरियाणा शिक्षक पात्रता परीक्षा न होने के आधार पर एससी कोटे में नियुक्ति से वंचित कर दिया गया था। कोर्ट ने पाया कि आयोग की यह कार्रवाई पहले से मौजूद न्यायिक निर्णयों के बिल्कुल खिलाफ थी। कोर्ट ने सुमन केस का हवाला देते हुए कहा कि हरियाणा शिक्षक पात्रता परीक्षा को संबंधित विषय में उत्तीर्ण करना अनिवार्य नहीं है और ऐसा कोई प्रावधान हरियाणा शिक्षक पात्रता परीक्षा स्कीम में नहीं है। कोर्ट ने याचिका स्वीकार करते हुए आयोग को निर्देश दिया कि वह याचिकाकर्ता का नाम नियुक्ति के लिए अनुशंसा करें और उसे किसी रिक्त पद पर नियुक्ति प्रदान करे, बशर्ते वह अन्य सभी आवश्यक योग्यताओं को पूरा करता हो।