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बड़ी राहतः सरकारी भर्तियों में अब जरूरी नहीं मजिस्ट्रेट से बना शपथपत्र, ऐसे उठाएं पांच अंकों का लाभ

Thu, 20 Jun 2019 01:21 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़/रोहतक
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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दो दिनों से हजारों युवाओं को तहसीलों के चक्कर कटवाने के बाद बुधवार को हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (एचएसएससी) ने राहत दी। अब सरकारी भर्तियों में पांच अंक पाने के लिए आयोग ने एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट से बने शपथ पत्र की शर्त खत्म कर दी है। आवेदकों को पहले की तरह केवल स्व-सत्यापित शपथ पत्र देना होगा कि उनके परिवार में से कोई भी सरकारी नौकरी में नहीं है। 

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बता दें कि पुलिस, ग्राम सचिव और कैनाल पटवारी आदि के लिए सरकार ने 10 हजार पदों की भर्ती निकाली है। इन नौकरियों के लिए कर्मचारी चयन आयोग ने यह अनिवार्य कर दिया था कि उसी आवेदक को पांच अंक मिलेंगे जो मजिस्ट्रेट से परिवार में किसी के सरकारी नौकरी में नहीं होने का शपथ पत्र लाएगा। 

इस शर्त ने आवेदकों के लिए परेशानी खड़ी कर दी। आवेदन जमा करने की तिथि नजदीक आते ही लघु सचिवालयों और तहसीलों में शपथ पत्र बनवाने के लिए युवाओं की भीड़ उमड़ने लगी। नौबत हंगामे तक आ पहुंची। बुधवार शाम तक प्रदेश की तमाम तहसीलों और लघु सचिवालयों में आवेदन करने वाले युवा शपथ पत्र बनवाने के लिए धक्के खाते रहे। 

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आयोग की घोषणा
हाल ही में निकली दस हजार भर्तियों के लिए अब मजिस्ट्रेट से प्रमाण पत्र बनाने के चक्कर में न फंसें। उम्मीदवार स्व-सत्यापित पत्र पहले की तरह दे सकता है। उसे पांच अंकों का लाभ मिल जाएगा। - हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग 

पांच अंकों के लिए करना पड़ा घंटों इंतजार और सही धक्कामुक्की 
सरकारी नौकरियों में पांच अंकों की छूट पाने के लिए आवेदकों को खूब पसीना बहाना पड़ा। दो दिनों से लघु सचिवालयों और तहसील कार्यालयों में युवाओं की भीड़ उमड़ रही थी। धक्कामुक्की के बीच कई जगहों पर युवा बिना टोकन लिए सरल केंद्रों के अंदर घुस गए। इस वजह से व्यवस्था बनाने में पुलिस को खासी मशक्कत करनी पड़ी। 

सौ रुपये तक में बिका दस रुपये का स्टांप पेपर
शपथपत्र बनवाने के लिए जहां युवाओं को घंटों लाइन में लगना पड़ा, वहीं उन्हें स्टांप पेपर से लेकर फोटो कॉपी कराने तक में अधिक पैसे देने पड़े। कई जगहों पर कागजात की एक फोटो कॉपी के दस-दस रुपये वसूले गए। दस रुपये का स्टांप पेपर 50-100 रुपये तक में बेचा गया। शपथपत्र बनवाने के नाम पर भी युवाओं से पैसे वसूले गए। तहसील परिसरों में न तो लड़कियों के लिए अलग से लाइन थी न ही किसी प्रकार की अन्य सुविधाएं। 

फर्जीवाड़ा भी हुआ
रोहतक में शपथपत्र बनवाने में फर्जीवाड़ा सामने आया। कुछ युवा दूसरे की जगह शपथ पत्र बनवाते पकड़े गए। जबकि एक युवक को तहसीलदार की फर्जी मुहर लगाते दबोचा गया, जिसे बाद में चेतावनी देकर छोड़ दिया गया।
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