पंजाब पुलिस का कहना है कि पकड़े गए तीनों अपराधी पाकिस्तान से पंजाब में ड्रोनों के जरिये हथियार और नशा मंगाते रहे हैं। अब खुफिया एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि मंगाए गए हथियारों में से कितने पंजाब के भीतर सप्लाई किए गए हैं और कितने हथियार अन्य राज्यों में भेजे गए हैं। दरअसल, तीनों अपराधियों ने कबूल किया है कि वह नशा बेचकर कमाए पैसे से पाकिस्तानी तस्करों से ही हथियार खरीदते थे और उन्हें आगे सप्लाई करने के लिए महंगे वाहन भी खरीदते थे, ताकि पुलिस नाकों पर उन्हें आसानी से रोका न जा सके।
पंजाब में टिफिन बम मामले में फिर होगी पूछताछ
इस बीच, जांच एजेंसियों ने पंजाब में कई स्थानों पर मिले टिफिन बमों का मामला भी नए सिरे से खंगालना शुरू कर दिया है। इसका मुख्य कारण यह है कि बरामद हुए सभी टिफिन बम पाकिस्तान से ड्रोन के जरिये भारतीय सीमा में खेतों में फेंके गए थे। यह मामला उस समय खुला था जब अमृतसर में पिछले साल आठ अगस्त को एक तेल टैंकर में विस्फोट हुआ।
जांच में पता चला कि यह विस्फोट आईईडी वाले टिफिन बम के जरिये किया गया था। पुलिस ने इस मामले में चार आतंकियों को गिरफ्तार किया था, लेकिन इस पूरे मॉड्यूल के मुख्य कर्ताधर्ता के पाकिस्तान में छिपा होने के चलते एजेंसियों को बहुत बड़ी सफलता नहीं मिल सकी थी। अब पंजाब-हरियाणा में आईईडी मिलने के नए मामलों के बाद खुफिया एजेंसियों ने टिफिन बम मामले में पकड़े आतंकियों से भी नए सिरे से पूछताछ करने की तैयारी कर ली है।