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हरियाणवी गायकों ने संभाला मोर्चा: सिद्धू मूसेवाला के SYL के जवाब में कई गाने लांच, यूट्यूब पर छाने लगे, जनता कर रही पसंद

Sun, 26 Jun 2022 10:49 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

गायक रामकेश जीवनपुरवाला के गीत के बोल हैं- ‘पंजाबी सूबा मांगा इब हरियाणा मांगो, क्यों बात घुमा के पानी पे झंडे न टांगो, सीधे मुंह ते कह दो ने के देना साथ नहीं, म्हारे हरियाणे का हक मारना अच्छी बात नहीं है।’ दोनों ही गीतों को हरियाणा के लोग पसंद भी कर रहे हैं।
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सिद्धू मूसेवाला - फोटो : twitter
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विस्तार
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पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला के एसवाईएल गाने के बाद हरियाणवी गायकों ने मोर्चा संभाल लिया है। एक-एक कर सभी गायक एसवाईएल के पानी के समर्थन में गाने लांच कर रहे हैं। खास बात यह है कि सोशल मीडिया समेत यू-ट्यूब पर ये खाने खासे पसंद किए जा रहे हैं। अधिकतर हरियाणवी कलाकारों ने एसवाईएल के पानी पर हरियाणा का हक बताया है।

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सिद्धू मूसेवाला के गीत में एसवाईएल के पानी के नाम पर टुपका भी नहीं देने के बोल हैं। इसके बाद से ही हरियाणा में इस गाने का तेजी से विरोध हो रहा है। गाने के जवाब में राज्य के गायकों ने हरियाणवी बोली में नए गीत लांच किए हैं। गायक मासूम शर्मा के गीत के बोल हैं- ‘नफरत आली हमने सीखी कोन्हीं सीख रै, हक से म्हारा एसवाईएल कोई भीख नहीं है, सन 66 में किया था जो वादा वो लेवाएंगे टुपका-टुपका नहीं पानी आधा लेवाएंगे।’ 

गायक रामकेश जीवनपुरवाला के गीत के बोल हैं- ‘पंजाबी सूबा मांगा इब हरियाणा मांगो, क्यों बात घुमा के पानी पे झंडे न टांगो, सीधे मुंह ते कह दो ने के देना साथ नहीं, म्हारे हरियाणे का हक मारना अच्छी बात नहीं है।’ दोनों ही गीतों को हरियाणा के लोग पसंद भी कर रहे हैं। अगले हफ्ते कई और गायक इस पर गीत लेकर आ सकते हैं। हरियाणवी गायक अजय हुड्डा ने कहा कि सिद्धू मूसेवाला ने गीत को निकालकर बहुत गलत किया। हरियाणा इसका बायकाट कर रहा है, जो जायज भी है। 
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यूट्यूब ने हटाया मूसेवाला का एसवाईएल गीत 
सिद्धू मूसेवाला का दो दिन पहले रिलीज हुआ एसवाईएल गीत को यूट्यूब ने हटा दिया है। इस गीत पर कई लोगों ने आपत्ति दर्ज कराई थी। यह गीत पंजाब और हरियाणा के बीच सतलुज-यमुना लिंक नहर के पानी विवाद और बंदी सिखों की रिहाई के मुद्दे पर केंद्रित था। सिद्धू मूसेवाला की हत्या के 26 दिन बाद रिलीज गीत हिट हो गया था। महज 2 दिन में ही 2.7 करोड़ लोगों ने इस गीत को देख लिया था।

गीत की लोकप्रियता का इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह गाना लगातार नंबर एक पर ट्रेडिंग में था। इस गाने के जरिये गायक सिद्धू मूसेवाला पंजाब और हरियाणा के बीच चल रहे एसवाईएल नहर के मुद्दे को हवा दे गए। गाने में सिद्धू ने किसान आंदोलन और लाल किले का भी जिक्र किया है। 4 मिनट 9 सेकेंड के इस गाने के बोल पंजाब के पानी और उससे जुड़े दूसरे मुद्दों के इर्दगिर्द घूमते हैं। 

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