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अब स्कूलों में पशुपालन की पढ़ाई करेंगे छात्र, देखिए इसके पीछे का मकसद

Fri, 19 May 2017 11:35 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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हरियाणा स्कूल
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विदेशों में पशुपालन एक बड़े व्यवसाय के रूप में विकसित हो रहा है, देश में कई राज्यों में भी यह व्यवसाय तेजी से बढ़ रहा है और लोगों के लिए अच्छी आय का साधन बन रहा है। इन्हीं संभावनाओं को देखते हुए हरियाणा शिक्षा विभाग ने यह तय किया है कि सरकारी स्कूलों के छात्रों को पशुपालन व्यवसाय की पढ़ाई करवाई जाए।
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इस शैक्षणिक सत्र में होगी पढ़ाई
शिक्षा विभाग इसी शैक्षणिक सत्र से इस पढ़ाई को शुरू करेगा। यह नौवीं व दसवीं कक्षा में पढ़ाई जाएगी। इसके लिए सिलेबस तय कर लिया गया है और इसे पढ़ाने वाले शिक्षक भी तैनात हो गए हैं। नौवीं कक्षा में छात्र पशु विज्ञान भाग-एक  और पशु विज्ञान प्रयोगिक पुस्तिका से पढ़ाई करेंगे, जबकि  दसवीं कक्षा में छात्र पशु विज्ञान भाग-दो और पशु विज्ञान प्रयोगिक पुस्तिका-दो से पढ़ाई करेंगे।
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यह है मकसद

पशुपालन की पढ़ाई करेंगे स्टूडेंट
विभाग के एक अफसर ने बताया कि यह एक महत्वपूर्ण विषय है, जबकि इसके अतिरिक्त कृषि विषय भी पढ़ाया जाता है। दरअसल, हरियाणा में अधिकतर सरकारी स्कूल ग्रामीण अंचलों में है। लिहाजा, इन विषयाें को स्कूली स्तर पर पढ़ाने का मकसद साफ है कि ग्रामीण अंचलों के युवकों को पशुपालन व कृषि व्यवसाय के विस्तार और भावी संभवनाओं की जानकारी दी जाए ताकि वे ग्रामीण बच्चे जिनके परिवारों का बैकग्राउंड कृषि व पशु पालन से जुड़ा है, वे अपने पढ़ाई का फायदा अपने परिवार के पुश्तैनी व्यवसाय को दें और वक्त के साथ इसे अपग्रेड करें। क्योंकि आज कृषि और पशुपालन एक बड़े व्यवसाय के रूप में उभर रहा है।
 
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