हरियाणा के डीसी अब हफ्ते में एक दिन से ज्यादा अपने जिले से बाहर नहीं रह सकेंगे। उपायुक्तों के जिले से गायब रहने के कारण जनता को हो रही दिक्कतों के मद्देनजर खट्टर सरकार ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। सरकार ने प्रदेश के सभी जिला उपायुक्तों को सप्ताह में एक दिन से अधिक जिला नहीं छोड़ने के आदेश जारी किए हैं।
मुख्य सचिव कार्यालय ने पत्र जारी कर कहा है कि जनता को हो रही असुविधा के मद्देनजर सरकार ने यह निर्णय लिया है। डीसी सप्ताह में एक दिन से अधिक जिला से बाहर किसी अन्य स्थान या चंडीगढ़ में सरकारी दौरे पर नहीं जाएंगे।
डीसी को राज्यपाल या मुख्यमंत्री की बैठकों के लिए बुलाए जाने या सुप्रीम कोर्ट में व्यक्तिगत सुनवाई पर बुलाए जाने के मामले में छूट रहेगी। यदि जनहित में सप्ताह में एक दिन से अधिक सरकारी दौरा किया जाना है तो मुख्य सचिव से पूर्व में मंजूरी लेनी होगी।
कार्यकारी शाखा में 300 की पदों की संख्या
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कार्यकारी शाखा में 300 की पदों की संख्या
प्रदेश सरकार ने हरियाणा सिविल सेवा (कार्यकारी शाखा) काडर में तीन वर्ष की अवधि के लिए अब पदों की संख्या 300 की संख्या कर दी है। मुख्य सचिव कार्यालय के अनुसार इसमें ए-सामान्य प्रशासन में अतिरिक्त उपायुक्त एवं डीआरडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के 15 पद, उपमंडल अधिकारी (नागरिक) के 71 पद, नगराधीश के 22 पद, उप सचिव के 11 पद, मुख्यमंत्री के ओएसडी का एक, ओएसडी के छह, राज्य कर्मचारी चयन आयोग के सचिव का एक पद शामिल है। अन्य पद अन्य श्रेणियों में रहेंगे। एसडीओ सिविल के पदों में आईएएस अधिकारियों के जूनियर स्केल के पांच पद घटाए गए हैं, जिससे काडर स्ट्रेेंथ 220 हो गई है। काडर में प्रतिनियुक्ति आरक्षण के 50 पद, छुट्टी आरक्षण के 10 पद, प्रशिक्षण आरक्षण के 10 और अतिरिक्त मांग के लिए 10 पद हैं।