हरियाणा के निजी स्कूलों ने स्कूल शिक्षा बोर्ड के 10वीं-12वीं कक्षा के प्रस्तावित परीक्षा पैटर्न पर आपत्ति जताई है। प्राइवेट स्कूल संघ ने प्रतियोगी परीक्षा की तर्ज पर ऑब्जेक्टिव टाइप बोर्ड एग्जाम लेने का आग्रह किया है। संघ के प्रदेशाध्यक्ष सत्यवान कुंडू ने कहा कि इस एग्जाम पैटर्न के अनुसार बोर्ड परीक्षा के दौरान पहले 45 मिनट में ऑब्जेक्टिव प्रश्न पत्र होगा, जिसे हल करने के लिए ओएमआर शीट दी जाएगी।
इस पेपर में 30 से 40 प्रश्र होंगे। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सभी प्रकार की प्रतियोगी परीक्षाओं में एक प्रश्न के लिए दो मिनट दिए जाते हैं तो बोर्ड परीक्षा में बच्चों के साथ यह अन्याय क्यों किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि समय कम होने के कारण बच्चे अपना एग्जाम पूरा नहीं कर पाएंगे, जिसका सीधा प्रभाव उनके परीक्षा परिणाम पर पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि इससे पहले भी बोर्ड प्रशासन अपने बेतुके प्रयोगों से चर्चाओं में रहा है। अब नए एग्जाम पैटर्न से सीधे तौर पर बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है, जिसे किसी भी स्थिति में सहन नहीं किया जाएगा। इस परीक्षा का या तो समय बढ़ाया जाए या इसे मुख्य परीक्षा में ही शामिल करते हुए समय की बाध्यता को समाप्त करें।