नन्हें वैज्ञानिकों का कहना है कि वे इस रोबोट को और आधुनिक एवं सुदृढ़ बनाने के लिए मेहनत कर रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई है कि आगामी एक वर्ष में ऐसे रोबोट को तैयार किया जाएगा, जो 25 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से समतल व ऊबड़-खाबड़ जमीन पर भी दौड़ेगा और वाईफाई से कंट्रोल होगा।
रोबोट बनाने में इस्तेमाल हुए ये उपकरण
- अरडिनो माइक्रो चीफ
- 4-सी ब्लूटूथ कंट्रोल चीफ
- एल-2, 98 मोटर ड्राइवर
- बैटरी, स्विच, मोटर व अल्ट्राटोनिक सेंसर सहित अन्य उपकरण इस्तेमाल किए गए हैं।
लेटेस्ट टेक्नोलॉजी से होगा अपग्रेड: सिंगला
राष्ट्रीय सूचना केंद्र के जिला अधिकारी विनोद सिंगला ने बताया कि यह रोबोट फिलहाल ब्लूटूथ द्वारा कार्य करता है, लेकिन आने वाले समय में इसे लेटेस्ट टेक्नोलॉजी से जोड़ा जाएगा। यह 21वीं सदी के भारत की उपलब्धि है कि स्कूल में पढ़ रहे बच्चे इस प्रकार के आविष्कार कर रहे हैं, जोकि भविष्य में देश सेवा के लिए काम आएंगे।