हरियाणा रोडवेज के कर्मचारी सरकार के रवैये को देखते हुए किसी भी समय चक्का जाम कर सकते हैं। रोडवेज बचाओ संघर्ष समिति ने सरकार को निजी बसों का संचालन 12 घंटे के भीतर बंद करने का समय दिया है। साथ ही चेतावनी भी दी है कि अगर निजी बसें चली तो कर्मचारी चक्का जाम कर देंगे। इससे जहां सरकार की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं, वहीं रोडवेज को फिर करोड़ों रुपये की चपत लगने के आसार बन गए हैं।
सरकार ने नई परिवहन नीति बनने तक पुरानी नीति में निजी ऑपरेटरों को दिए परमिट पर बसें चलाने की अनुमति मांगी थी, जो उन्हें हाईकोर्ट से मिली हुई है। इसके आधार पर ही निजी ऑपरेटर बसें चला रहे हैं, इससे रोडवेज कर्मी खफा हैं और आर-पार की लड़ाई के मूड में आ गए हैं।
संयुक्त संघर्ष समिति के सदस्य सरबत पूनिया ने बताया कि सरकार ने कर्मचारियों के साथ विश्वासघात किया है। बीते कई दिनों से सिरसा, हिसार, जींद डिपुओं में गतिरोध बरकरार है, लेकिन सरकार समाधान की कोई पहल नहीं कर रही। अगर सिरसा में बुधवार को निजी बसें चली तो रोडवेज का चक्का जाम कर दिया जाएगा। 24 घंटे के बाद अगर प्रदेश में कहीं भी नए परमिट पर निजी बसें चलती हैं तो प्रदेशव्यापी हड़ताल पर कर्मचारी चले जाएंगे। पहले से तय कार्यक्रम के तहत 18 जून को मतलौडा मे घेराव व 9 जुलाई को करनाल में मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय का घेराव किया जाएगा।