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हरियाणाः बारिश में टपकती हैं रोडवेज की खटारा वॉल्वो, चंडीगढ़ से दिल्ली तक लगा रहीं छह घंटे

Wed, 18 Mar 2020 11:44 AM IST
खुशबू गोयल यशपाल शर्मा, चंडीगढ़
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हरियाणा रोडवेज की वॉल्वो बस - फोटो : अमर उजाला
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सुहाने सफर के लिए जानी जाने वाली हरियाणा रोडवेज की वॉल्वो बसें खटारा होने के बावजूद रूट पर दौड़ाई जा रही हैं। बसों की हालत इतनी बदतर है कि जरा सी बारिश होने पर ये टपकना शुरू कर देती हैं। तेज बारिश होने पर बस में सवार यात्री भीग रहे हैं। ड्राइवरों ने खुद को भीगने से बचाने के लिए अपनी खिड़की के ऊपर प्लास्टिक की खाली बोतलें बारिश का पानी बाहर निकालने के लिए लगाई हुई हैं।
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बसों की सीटें आरामदायक नहीं रही। जगह-जगह बसों में धूल जमी हुई है। बसें इतनी खटारा हो चुकी हैं कि उन्हें तय गति सीमा के भीतर दौड़ाने से भी ड्राइवर डरते हैं। इससे दिल्ली-चंडीगढ़ के बीच की दूरी तय करने में एक घंटे का समय अतिरिक्त लग रहा है। इससे सवारियां परेशान हो रही हैं। बसों के बंपर तक टूट चुके हैं, उन्हें बेल्डिंग कर लगाया गया है। सब कुछ जानते हुए भी परिवहन विभाग मूकदर्शक बना हुआ है।

गुरुग्राम और चंडीगढ़ डिपो की लगभग चालीस वॉल्वो बसें 12 लाख किलोमीटर से ऊपर चल चुकी हैं। परिवहन नियमों के अनुसार इन्हें आठ लाख किलोमीटर या आठ साल पूरा होने के बाद नहीं चलाया जा सकता। चालीस वॉल्वो की खरीद हरियाणा सरकार ने 2012 में की है, जबकि दस मर्सिडीज बेंज 2013 में खरीदी हैं। वॉल्वो के आठ साल तो पूरा नहीं हुए, मगर बसें कम और दिल्ली, चंडीगढ़-गुरुग्राम के बीच रूट ज्यादा होने पर इनके किलोमीटर की संख्या बारह लाख पार कर चुकी है।
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चिंतन शिविर में मेकअप कर भेजी थी वॉल्वो

हरियाणा सरकार के परवाणु स्थित टिंबर ट्रेल में मंत्रियों और अफसरों को छोड़ने के लिए दो मर्सिडीज बेंज और एक वॉल्वो 2018 में भेजी गई थी। इनमें मर्सिडीज बेंज एचआर-68ए-8072 और एचआर-68ए-8073 व वोल्वो एचआर-55ए-4602 शामिल थीं।

जिस वॉल्वो में अफसरों को टिंबर ट्रेल छोड़ा गया, वे भी गुरुग्राम डिपो की थी और उसकी बुक वैल्यू पूरी हो चुकी थी। गुरुग्राम डिपो की वॉल्वो को नहला-धुलाकर मेकअप कर टिंबर ट्रेल ले जाया गया था ताकि ये देखने में नई-नवेली लगे।

नई वॉल्वो खरीदने का लंबे समय से पीट रहे ढिंढोरा
20 नई वॉल्वो बसें खरीदने का ढिंढोरा सरकार लंबे समय से पीट रही है। पूर्व परिवहन मंत्री ने अपना कार्यकाल यह कहते हुए गुजार दिया कि जल्दी वॉल्वो खरीद रहे हैं। यही राग वर्तमान परिवहन मंत्री मूलचंद शर्मा व विभाग के प्रधान सचिव अनुराग रस्तोगी ने अलापना शुरू कर दिया है।

अब निगाहें इस पर टिकी हैं कि इनके कार्यकाल में भी बसें आती हैं या फिर कागजी घोड़े ही दौड़ाए जाते हैं।
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