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हरियाणाः दो दिवसीय चक्का जाम को लेकर अफसरों-यूनियनों की बैठक जारी, दो फाड़ हुए कर्मचारी

Mon, 06 Jan 2020 02:36 PM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़/रोहतक/करनाल
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हरियाणा रोडवेज बस
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परिवहन मंत्री की अध्यक्षता में हरियाणा रोडवेज कर्मचारी यूनियन व मिनिस्ट्रियल स्टाफ यूनियन के साथ मीटिंग पंचायत भवन सेक्टर 28 चंडीगढ़ में हुई। लेकिन चक्का जाम को लेकर यूनियन दो फाड़ हो गई।
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बैठक में विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव एसएन रॉय व निदेशक वीरेंद्र दहिया के सामने ऑल हरियाणा रोडवेज कर्मचारी यूनियन के प्रधान हरि नारायण शर्मा, महासचिव बलवान सिंह व महेंद्र मोहाली, जय भगवान कादियान, विजय कुमार, शौकत अली ने अपनी बात रखी। मीटिंग के बाद हरि नारायण शर्मा ने कहा कि किलोमीटर स्कीम पर सरकार पीछे हटने के लिए तैयार नहीं है। पहले भी मीटिंग में आश्वासन दिए जाते रहे हैं, लेकिन सिवाय आश्वासनों के आज तक कुछ नहीं मिला।

जब तक मुख्यमंत्री के साथ वार्ता नहीं करवाई जाती, कोई हल निकलने वाला भी नहीं है। पहले भी मुख्यमंत्री को अधिकारियों ने गुमराह किया है। किलोमीटर स्कीम में घोटाला हुआ है। अधिकारियों को इस घोटाले में बचाया गया है। रोडवेज की हड़ताल की कॉल हमारी नहीं है, सभी चालक अपनी ड्यूटी पर मौजूद रहेंगे। लेकिन अगर वर्कर्स यूनियन हड़ताल पर जाती है तो उनको हमारा नैतिक समर्थन रहेगा।
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हरियाणा सरकार द्वारा किलोमीटर स्कीम के तहत शुरू की गई प्राइवेट बसों के विरोध में 7 व 8 जनवरी को होने वाली चक्का जाम हड़ताल को लेकर रोडवेज की यूनियन ही दो फाड़ हो गई हैं। रोडवेज चालक संघ ने हड़ताल का विरोध कर दिया है। उन्होंने कहा कि उनका राष्ट्रव्यापी हड़ताल से कोई लेना-देना नहीं है। वहीं ऑल हरियाणा वर्कर्स यूनियन और मिनिस्ट्रियल स्टाफ ने हड़ताल का किया समर्थन किया है।

गौरतलब है कि हरियाणा में आज रात 12 बजे से चक्का जाम हो सकता है। किलोमीटर स्कीम के विरोध में हरियाणा रोडवेज कर्मचारी तालमेंल कमेटी ने 7-8 जनवरी को चक्का जाम की चेतावनी दी है। हालांकि, चक्का जाम को विफल करने के लिए परिवहन विभाग के अधिकारी कोई कसर नहीं छोड़ रहे।

प्रदेश सरकार की किलोमीटर स्कीम के तहत निजी बसें चलाने के फैसले का रोडवेज कर्मचारी विरोध कर रहे हैं। 29 दिसंबर 2019 को तालमेंल कमेंटी की रोहतक में बैठक हुई थी, जिसमें छह जनवरी की शाम मशाल जुलूस निकालने और 7-8 जनवरी को बसों के चक्का जाम का फैसला हुआ था। रोडवेज के दो दिवसीय चक्काजाम के फैसले को सरकार ने गंभीरता से लेते हुए प्रत्येक डिपो के महाप्रबंधकों को बसों का समुचित संचालन कराने के निर्देश दिए हैं।

थम जाएंगे 3280 बसों के पहिए

परिवहन विभाग की रणनीति कामयाब नहीं हुई तो छह जनवरी रात 12 बजे से रोडवेज की 3280 बसों के पहिए जाम हो जाएंगे। तालमेंल कमेंटी को अन्य यूनियनों का साथ मिलने पर 8 जनवरी की रात 12 बजे तक बसें नहीं चलेंगी। अगर तालमेंल कमेंटी से जुदा सात यूनियनों ने बसें चलाईं तो सरकार के साथ ही यात्रियों को भी राहत मिल सकती है। रोडवेज बसें आठ राज्यों, एक केंद्र शासित प्रदेश में सेवाएं देती हैं। रोजाना 13 लाख यात्री इसमें यात्रा करते हैं। रोजाना तीन से चार करोड़ रुपये रोडवेज को राजस्व आता है।

परिवहन विभाग किसी भी सूरत में दो दिवसीय इस हड़ताल को असफल करने और बसों के सुचारू संचालन का दावा कर रहा है। डिपो अधिकारियों के अनुसार, डिपो महाप्रबंधक, पुलिस अफसर और रोडवेज के कुछ कर्मचारियों की शुक्रवार को संयुक्त रूप से बैठक हुई, जिसमें चक्काजाम के दौरान बसों का समुचित संचालन कराने की रणनीति बनाई गई। वहीं, सोमवार को होने वाली बैठक के बाद ही ड्यूटी मजिस्ट्रेट और पुलिस फोर्स की तैनाती होगी।

उधर, करनाल में बैठक करके ऑल हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन की राज्य कार्यकारिणी ने हड़ताल मेंं शामिल होने का निर्णय लिया है। रविवार को नए बस स्टैंड पर हुई बैठक में यूनियन पदाधिकारियों ने हड़ताल के संबंध में विचार-विमर्श के बाद यह फैसला लिया। यूनियन के राज्य प्रधान हरिनारायण शर्मा व महासचिव बलवान सिंह दोदवा ने प्रदेश सरकार की परिवहन विभाग में किलोमीटर स्कीम की निंदा की।

हड़ताल को सफल बनाने के लिए फील्ड में उतरेंगी दो सौ टीमें

हरियाणा में ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर 8 जनवरी की राष्ट्रव्यापी हड़ताल को सफल बनाने के लिए सर्व कर्मचारी संघ ने पूरी ताकत लगा दी है। रविवार को सभी जिलों में कार्यकारिणी की बैठकें आयोजित कर हड़ताल की तैयारियों की समीक्षा की गई। समीक्षा के आधार पर सोमवार व मंगलवार को पूरी ताकत के साथ कर्मचारियों को लामबंद करने का निर्णय लिया गया।

सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष लांबा, महासचिव सतीश सेठी व वरिष्ठ उप प्रधान नरेश कुमार शास्त्री ने बताया कि केंद्रीय कमेंटी के पदाधिकारियों व सदस्यों के अलावा संघ से संबंधित विभागीय संगठनों, जिला कमेंटियों के नेतृत्व में 200 से ज्यादा टीमें दोनों दिन फील्ड में उतरेंगी। ये टीमें सभी विभागों, बोर्डों, निगमों, विश्वविद्यालयों, नगर निगमों, पालिकाओं, परिषदों, बिजली घरों, जल घरों, शिकायत केंद्रों में गेट मीटिंग कर कर्मचारियों से सीधा संपर्क कर हड़ताल में शामिल होने का आह्वान करेंगी।

सात जनवरी को मोटरसाइकिलों के जत्थों के साथ तैयारियों को अंतिम रूप दिया जाएगा।संघ के मुख्य संगठन कर्ता धर्मबीर फौगाट व उप महासचिव सबिता मलिक ने बताया कि सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा, हरियाणा रोडवेज कर्मचारी तालमेंल कमेंटी के आह्वान पर किलोमीटर स्कीम के खिलाफ 6 जनवरी के मशाल जुलूस और 7-8 जनवरी के चक्का जाम का भी पुरजोर समर्थन करेंगे। संघ नेताओं ने चेतावनी दी कि अगर रोडवेज कर्मचारियों के चक्का जाम को विफल बनाने के लिए सरकार ने पुलिस बल का प्रयोग किया तो अन्य विभागों के कर्मचारी पहले की तरफ इसका एकता के साथ करारा जवाब देंगे।
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यूनिवर्सिटी के कर्मचारी भी हड़ताल मे भाग लेंगे

प्रदेश की सभी यूनिवर्सिटी के गैर शिक्षक कर्मचारियों और अनुबंधित सहायक प्रोफेसरों ने भी 8 जनवरी की हड़ताल में शामिल होने का निर्णय लिया है। ऑल हरियाणा यूनिवर्सिटी गैर शिक्षक कर्मचारी फेडरेशन के चेयरमैन महेंद्र सिंह बैनीवाल ने बताया कि फेडरेशन की लुवास युनिवर्सिटी में हुई मीटिंग में सर्व सम्मति से केंद्र व राज्य सरकार की वादाखिलाफी एवं कर्मचारी, मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ 8 जनवरी की हड़ताल में शामिल होने का निर्णय लिया है।

विभिन्न विभागों के कर्मचारी भी देंगे साथ
ऑल हरियाणा पावर कॉर्पोरेशन वर्कर यूनियन के चेयरमैन देवेंद्र हुड्डा, प्रधान सुरेश राठी व महासचिव नरेश कुमार ने बताया कि बिजली निगमों के कर्मचारी व अधिकारी भी हड़ताल मेंं शामिल होंगे। पीडब्ल्यूडी मेंकेनिकल वर्कर यूनियन के प्रधान कूष्ण शर्मा, महासचिव कंवर लाल यादव व उप प्रधान सीलक राम मलिक ने दावा किया की पीडब्ल्यूडी बीएंडआर, सिंचाई व जन स्वास्थ्य विभाग के 20 हजार से ज्यादा कर्मचारी 8 जनवरी को हड़ताल पर रहेंगे।

कर्मचारियों में जलापूर्ति व सीवरेज को नगर निगमों के हवाले करने, पंचायती पंप आपरेटर को पूर्णकालिक कर्मचारी मानकर वेतन न देने को लेकर भारी नाराजगी है। नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रधान नरेश कुमार शास्त्री व महासचिव मांगे राम तिगरा ने दावा किया कि नगर निगमों, पालिकाओं व परिषदों के 32 हजार कर्मचारी भी हड़ताल में शामिल होंगे।
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