एक अफसर ने सरकार को विश्वास में लिए बिना अपनी मर्जी से बुजुर्गों को लेकर अहम आदेश जारी कर दिया, जिसके कारण उसे बड़ी सजा दी गई है। अफसर को सरकार ने निलंबित कर दिया है। मामला हरियाणा परिवहन विभाग का है और अतिरिक्त परिवहन आयुक्त पर गाज गिरी है। अतिरिक्त परिवहन आयुक्त वीरेंद्र लाठर को सरकार ने बुजुर्गों को रोडवेज बसों में मिल रही छूट खत्म करने का पत्र जारी करने पर निलंबित कर दिया है।
बुधवार को यह मामला हरियाणा विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अभय चौटाला ने उठाया था। इसके बाद सीएम मनोहर लाल ने बुजुर्गों को बस किराए में मिल रही छूट में कोई कटौती न करने की बात कही थी। इसके साथ ही सीएम ने परिवहन मंत्री कृष्ण लाल पंवार को पूरे मामले की जांच कराने और लापरवाही बरतने वाले अधिकारी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए थे।
परिवहन मंत्री की जांच में पाया गया कि अतिरिक्त परिवहन आयुक्त वीरेंद्र लाठर ने अपने स्तर पर ही रोडवेज के महाप्रबंधकों को छूट खत्म करने का पत्र जारी कर दिया था, जिससे सरकार को असहज होना पड़ा। परिवहन मंत्री कृष्ण पंवार ने कहा कि वीरेंद्र लाठर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। विभागीय कार्रवाई की जाएगी। रोडवेज बसों में वरिष्ठ नागरिकों को किराए में 50 फीसदी छूट जारी है। रोडवेज महाप्रबंधकों को इस तरह का कोई आदेश लागू न करने के निर्देश बुधवार को ही जारी कर दिए गए थे।
पहले सफाई बाद में कार्रवाई
हरियाणा में 60 वर्ष की महिलाओं व 65 वर्ष के पुरुषों को हरियाणा परिवहन की बसों में किराए में 50 फीसदी की छूट थी। इस छूट को वापस लेने का पत्र सोमवार को रोडवेज के महाप्रबंधकों के पास पहुंचा, जिसमें आदेशों को तत्काल लागू करने के निर्देश थे। मंगलवार को ये आदेश सार्वजनिक हुए और बुजुर्गों में रोष फैल गया। सूचना जिलों से सरकार तक पहुंची। आदेश लागू करने पर तुरंत प्रभाव से रोक लगा दी गई। इस पर सीएम ने बुधवार को छूट जारी रहने की सफाई विधानसभा में दी और मंगलवार को आदेश जारी करने वाले एचसीएस अफसर नप भी गए।
किसके कहने पर जारी हुए आदेश, ये अभी राज
अतिरिक्त परिवहन आयुक्त वीरेंद्र लाठर इतना बड़ा निर्णय अपने स्तर पर नहीं ले सकते। उन्हें छूट वापस लेने के आदेश जारी करने के निर्देश कहीं न कहीं से जरूर मिले होंगे। सरकार इस पर अब भी पर्दा डाल रही है। लाठर पर कार्रवाई कर सरकार ने खुद को सेफ कर लिया है, लेकिन पूरा राज खुलना बाकी है। परिवहन मंत्री कृष्ण पंवार के लाठर को निलंबित करने के आदेशों के बाद से एचसीएस अधिकारी बातचीत के लिए उपलब्ध नहीं हो रहे।