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हरियाणा राज्यसभा चुनाव विवाद, पूर्व CM ने किया चौंकाने वाला खुलासा

Mon, 27 Jun 2016 11:29 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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भूपेंद्र सिंह हुड्डा और मनोहर लाल खट्टर - फोटो : फाइल फोटो
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हरियाणा राज्यसभा चुनाव को लेकर चल रहे विवाद के बीच पूर्व मुख्यमंत्री हुड्डा ने बेहद चौंकाने वाला खुलासा किया है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा कहते हैं कि राज्यसभा चुनाव के लिए वोटिंग में रचे गए षड्यंत्र में कांग्रेस का हाथ नहीं है। प्रदेश सरकार जोकि हर मामले में सीबीआई से जांच कराने की बात करती है, को इस मामले की सच्चाई जानने के लिए सीबीआई से जांच करानी चाहिए।
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पूर्व मुख्यमंत्री हुड्डा रविवार को एमएलए होस्टल में एक प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर उन्होंने यह खुलासा भी किया कि सुभाष चंद्रा उनके पास वोट मांगने आए थे, लेकिन उन्होंने साफ कर दिया था कि उनसे उन्हें कोई व्यक्तिगत शिकायत नहीं है लेकिन भाजपा प्रत्याशी होने के कारण वे उनका समर्थन नहीं करेंगे। हुड्डा ने कहा कि वोट मांगने के लिए उनके पास आरके आनंद भी आए थे, लेकिन उन्हें भी वोट देने से इसलिए इंकार कर दिया था, क्योंकि वह इनेलो समर्थित प्रत्याशी थे।

हुड्डा ने कहा कि बाद में कांग्रेस आलाकमान के निर्देश पर ही उन्होंने आनंद को समर्थन देते हुए उनके पक्ष में वोट दिया। उन्होंने कहा कि पूरे मामले में रचे गए षडयंत्र में भाजपा का हाथ हो सकता है या इनेलो का या फिर दोनों का, लेकिन कांग्रेस का इसमें कोई हाथ नहीं है। उन्होंने कहा कि आरके आनंद भाजपा और इनेलो की साजिश के कारण हारे हैं। साथ ही उन्होंने आनंद पर भी हमला किया। उन्होंने कहा कि अगर आनंद हाईकोर्ट नहीं गए तो इसका मतलब यह होगा कि वह भी इस साजिश में शामिल हैं।
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पूर्व सीएम ने खट्टर सरकार से मांगा इस्तीफा

हरियाणा में जाटलैंड की राजनीति के दिग्गज कांग्रेस नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल पर निशाना साधते हुए कहा कि पूर्व डीजीपी प्रकाश सिंह कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर प्रदेश सरकार ने एसपी, डीसी से लेकर डीजीपी और होम सेक्त्रस्ेटरी तक को बदल डाला, लेकिन अपनी भूमिका पर गौर नहीं किया। हुड्डा ने सवाल किया कि प्रदेश के गृह विभाग और पुलिस का जिम्मा सीएम के पास है, तो वे अपनी जिम्मेवारी क्यों नहीं ले रहे।

उन्होंने कहा कि प्रकाश सिंह कमेटी की रिपोर्ट खुलासा करती है कि सरकार पूरे घटनाक्त्रस्म को नहीं संभाल पाने के लिए जिम्मेवार है। रिपोर्ट में अफसरों से लेकर सीएम तक पर अंगुली उठाई गई है। ऐसे में सीएम को इस्तीफा देना चाहिए। हुड्डा ने प्रकाश सिंह कमेटी की रिपोर्ट के दूसरे हिस्से को भी सार्वजानिक किए जाने की मांग की।

जाट आरक्षण पर भाजपा सरकार कर रही गुमराह
हरियाणा में जाट आरक्षण को लेकर प्रदेश सरकार की बयानबाजी पर सवाल उठाते हुए पूर्व सीएम ने कहा कि बार-बार यह कहा जा रहा है कि हुड्डा सरकार ने जाते-जाते आरक्षण का लाभ दिया। लेकिन सच यह है कि 2010 में हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज केसी गुप्ता की अध्यक्षता में आयोग का गठन किया गया था, जिसकी 2012 में आई रिपोर्ट के आधार पर 2013 में आरक्षण लागू किया गया।

हुड्डा ने कहा कि भाजपा सरकार इस मुद्दे पर गुमराह कर रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि भाजपा सरकार ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में केसी गुप्ता को पार्टी क्यों नहीं बनाया। उन्होंने कहा कि अगर केसी गुप्ता को पार्टी बनाया जाता वे अपनी राय देते कि किस आधार पर उन्होंने जातिगत आरक्षण देने की वकालत की। हुड्डा ने कहा कि भाजपा सरकार ने बिना कोई होमवर्क किए हमारी रिपोर्ट की कार्बन कापी कर डाली।
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बुढ़ापा पेंशन है या अपमान पेंशन

सदन से अनुपस्थित रहे कांग्रेस विधायक दल - फोटो : amarujala
प्रदेश में बुढ़ापा पेंशन को लेकर बनाए गए नए नियमों की कड़ी निंदा करते हुए हुड्डा ने कहा कि सरकार पेंशन धारकों को पेंशन दे रही है न की कोई भीख। ये बुजुर्गों की सम्मान पेंशन है। लेकिन इस सरकार ने अपमान पेंशन जैसा बना दिया है। उन्होंने कहा कि बुढ़ापा पेंशन बैंकों द्वारा नहीं मिलनी चाहिए। इससे बुजुर्ग लोगों को पेंशन लेने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

हुड्डा ने कहा कि बीपीएल परिवारों पर भी भाजपा सरकार के नए नियम लाद दिए हैं। हुड्डा ने कहा कि सरकार इंदिरा आवास योजना के तहत लोन लेने वाले को बीपीएल की सूची से निकाल रही है। इसके साथ ही अगर किसी के घर में शौचालय नहीं है उसे भी बीपीएल की लिस्ट से बाहर किया जा रहा है, जो सरासर गलत है।

पुलिस भरती में मारे गए युवकों के लिए मुआवजे की मांग
पूर्व सीएम ने पुलिस भरती के लिए दौड़ के दौरान दो युवकों की मौत पर दुख जताते हुए प्रदेश सरकार से मांग की कि मृतकों के परिजनों को सरकार मुआवजा दे। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस भरती के लिए एक दिन में 15-20 हजार युवाओं को दौड़ाया जा रहा है। उनके रहने व शौचालय आदि का भी कोई प्रबंध नहीं है। सुबह पांच बजे से लाइन लगवाते हैं और रात तक नंबर नहीं आता।

युवाओं को मजबूरन पार्कों में सोना पर रहा है। हुड्डा ने कहा कि भाजपा सरकार 30 हजार से ज्यादा लोगों का रोजगार अब तक छीन चुकी है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की कोशिश है कि फिर से कोई कोर्ट चला जाए और भरती पर रोक लग जाए। उन्होंने कर्मचारी आंदोलन पर एस्मा लगाए जाने की निंदा करते हुए कहा कि उनकी सरकार में 10 साल में कभी एस्मा नहीं लगा, लेकिन इस सरकार ने आते ही एस्मा लगा दिया।
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