-31 अगस्त तक कुल संग्रह 17,895 करोड़ रहा, पिछले साल कुल राजस्व 33,527 करोड़ था
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा ने जीएसटी संग्रह में एक लंबी छलांग लगाई है। मात्र पांच महीने के भीतर पूरे साल के लक्ष्य का आधा राजस्व जुटा लिया है। वित्त वर्ष (2023-24) में 31 अगस्त तक कुल संग्रह 17,895 करोड़ रहा है। यह राजस्व पिछले साल के मुकाबले करीब 30 फीसदी ज्यादा है। वित्त वर्ष 2022-23 में 31 अगस्त तक कुल जीएसटी संग्रह 13,745 करोड़ रुपये था। साल 2022-23 का कुल राजस्व 33,527 करोड़ था, जो विभाग का लक्ष्य भी है। हालांकि इस बार इससे ज्यादा की उम्मीद की जा रही है।
जीएसटी राजस्व में वृद्धि से हरियाणा लगातार दूसरे साल सभी राज्यों में कुल संग्रह के मामले में देश भर में छठे स्थान पर बना हुआ है। वहीं, प्रति व्यक्ति कुल जीएसटी संग्रह में हरियाणा चौथे स्थान पर रहा। हरियाणा आबकारी एवं कराधान विभाग के आयुक्त अशोक कुमार मीना ने बताया कि यह सब कड़ी मेहनत के बाद संभव हो सका है। विभाग ने एक साथ कई मोर्चे पर काम किया। आईटी उपकरणों की मदद से टैक्स की चोरी पकड़ने में बड़ी कामयाबी हासिल हुई है। वहीं, वसूली व संग्रह के लिए विशेष अभियान चलाए गए। इससे राजस्व इकट्ठा करने में मदद मिली। जांच के लिए जिला स्तर पर टीमें तो बनी हुई हैं। एक मुख्यालय स्तर पर भी टीम का गठन किया गया है, जो समय-समय पर बड़े केसों की अपने स्तर पर जांच करती है।
एआई टूल बीफा से पकड़े गए कई टैक्स चोर
जीएसटी विभाग एआई टूल बीफा (बिजनेस इंटेलिजेंस एंड फ्रॉड एनॉलिसिस) के जरिये जीएसटी चोरों पर नजर रखता है। मीना ने बताया कि हर पंजीकृत व्यापारी का पोर्टल पर रिकॉर्ड होता है। बीफा के जरिये रिकॉर्ड को मैच किया जाता है। यदि जरा सा भी रिकॉर्ड मिस मैच होता है तो बीफा उसे पकड़ लेता है। साथ ही बीफा यह भी देखता है कि किस व्यापारी ने टैक्स भरा है और किसने नहीं। कंपनी का रजिस्ट्रेशन है या नहीं। रिटर्न दाखिल करने के साथ देय राजस्व जमा हुआ या नहीं। मीना का कहना है कि इस टूल से कई टैक्स चोर पकड़े जा चुके हैं।
234 संदिग्धों की जांच, 89 के खिलाफ कार्रवाई
विभाग के आयुक्त ने बताया कि फर्जीवाड़े पर अब कड़ी नजर रखी जा रही है। टैक्स रिसर्च यूनिट (टीआरयू) ने पूरे हरियाणा से 234 संदिग्ध करदाताओं को चिह्नित किया है। उसके बाद उनका सत्यापन किया गया। इनमें 89 करदाताओं ने हेराफेरी कर रखी थी। इन सभी करदाताओं के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
कम खर्च पर ज्यादा कलेक्शन
आयुक्त ने बताया कि हरियाणा एक मात्र ऐसा प्रदेश है, जो कम खर्च पर साल भर का टारगेट पूरा करता है। एक्साइज, वैट और जीएसटी का कुल लक्ष्य 53 हजार करोड़ है। इस टारगेट को हरियाणा पूरा करता है और इसमें मात्र 300 करोड़ रुपये खर्च होते हैं। वहीं दूसरे राज्य इतने संग्रह को इकट्ठा करने में चार से पांच फीसदी बजट खर्च करते हैं।
कुल कर में 20 फीसदी की बढ़ोतरी
हरियाणा ने कुल कर में पिछले साल के मुकाबले पांच महीनों में 20 फीसदी की बढ़ोतरी की है। वित्त वर्ष 2023-24 में अप्रैल से अगस्त तक हरियाणा में 27,438 करोड़ रुपये का राजस्व संग्रह किया गया है। पिछले वर्ष इसी अवधि में राज्य ने 22,880 करोड़ रुपये का राजस्व जुटाया था।