अशोक खेमका ने वर्ष 2016-17 के लिए जून 2017 में अपना अप्रेजल भरा था। अप्रेजल पर मुख्य सचिव डीएस ढेसी ने उन्हें 10 में से 8.22 अंक दिए। इसके बाद खेल एवं युवा मामलों के मंत्री अनिल विज के पास जब यह अप्रेजल पहुंचा तो उन्होंने 9.92 अंक देते हुए टिप्पणी दर्ज की कि कैबिनेट मंत्री के रूप में उन्होंने पिछले तीन वर्षों में 20 से अधिक आईएएस अफसरों के साथ काम किया और अशोक खेमका का काम बेहतर रहा है।
ऐसे ईमानदार अफसर युवा अधिकारियों के लिए प्रेरणास्रोत हैं। खेमका की यह अप्रेजल रिपोर्ट 31 दिसंबर, 2017 को जब मुख्यमंत्री के पास पहुंची तो उन्होंने अंक कम करके 9 कर दिए। इसके अलावा यह भी टिप्पणी की कि उनके बारे में मंत्री विज ने बढ़ा-चढ़ा कर लिखा है।
इसके खिलाफ खेमका ने कैट में याचिका दायर की। कैट ने उनकी याचिका खारिज कर दी। फिर वे हाईकोर्ट पहुंचे और सीएम की टिप्पणी रद्द करने के साथ ही 9.92 अंक बहाल कराने की मांग की। हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए 12 मार्च को फैसला सुरक्षित रख लिया था।