9 अप्रैल से 12 अप्रैल तक 177 मेगावाट से बढ़ाकर 487 मेगावाट उत्तर क्षेत्र से पश्चिम क्षेत्र में भेजी गई बिजली ‘मुंद्रा-महेंद्रगढ़ हाई वोल्टेज डायरेक्ट करंट लाइन’ का ही एक उदाहरण है। बिजली मंत्री ने यह भी कहा कि केंद्र से उत्पादित व अपने स्तर पर उत्पादित बिजली का हरियाणा पूरा सदुपयोग कर रहा है। राज्य सरकार अपने उपभोक्ताओं को आवश्यकता अनुसार बिजली देने के लिए कृतसंकल्प है।
सरकार की विफलता से बना बिजली संकट: सैलजा
वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी सैलजा ने कहा कि केंद्र सरकार के साथ-साथ प्रदेश की भाजपा-जजपा सरकार की विफलता के कारण हरियाणा में बिजली संकट बना हुआ है। भाजपा-जजपा सरकार की विफलता के कारण आज प्रदेश की जनता बिजली के लिए तरस रही है और उद्योग-धंधे ठप हो रहे हैं।
हरियाणा में गहराते बिजली संकट के कारण हजारों लोगों का रोजगार छिन गया है। कामगार लगातार पलायन कर रहे हैं। कुमारी सैलजा ने कहा कि भाजपा-जजपा गठबंधन सरकार को प्रदेश के लोगों के हितों से कोई सरोकार नहीं है। प्रदेश में जिन दामों पर अडाणी द्वारा बिजली सप्लाई की जानी थी, उस रेट पर बिजली देने का दबाव भी प्रदेश सरकार और बिजली मंत्री नहीं बना पा रहे हैं। प्रधानमंत्री से करीबियों के कारण अडाणी लांग टर्म कांट्रैक्ट होने के बावजूद एक बार बिजली के दामों में बढ़ोतरी करवा चुके हैं लेकिन फिर भी कांट्रैक्ट के मुताबिक बिजली सप्लाई नहीं कर रहे।