हिमाचल प्रदेश में सत्ता पाने के लिए छिड़ी चुनावी जंग के लिए भाजपा और कांग्रेस ने कमर कस ली है और हरियाणा के 20 दिग्गजों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। कांग्रेस मिशन रिपीट के लिए जोर लगाए हुए है, तो भाजपा सत्ता पर काबिज होने के लिए डटी है। भाजपा और कांग्रेस ने स्टार प्रचारकों की टीम उतारने के साथ ही हरियाणा के नेताओं को भी अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में तैनात किया है।
कांग्रेस ने हरियाणा के बीस नेता पर्यवेक्षक नियुक्त किए हैं, जबकि भाजपा ने दो राज्य मंत्रियों व छह विधायकों को जीत सुनिश्चित करने के लिए भेजा है। नौ नवंबर को होने वाले मतदान के लिए कांग्रेस ने प्रदेश कांग्रेस के पूर्व प्रवक्ता अशोक बुवानीवाला को नालागढ़ विधानसभा में पर्यवेक्षक लगाया है। उन्हें पार्टी प्रत्याशी के चुनाव प्रचार की जिम्मेदारी दी गई है। अशोक बुवानीवाला पहले भी उत्तराखंड विधानसभा एवं दिल्ली एमसीडी चुनावों में पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।
इसके अलावा लखन सिंगला, मनदीप चट्ठा, प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष ओमप्रकाश, पूर्व विधायक भारत भूषण बत्तरा, संजय छोक्कर, पूर्व मंत्री सत्यनारायण लाठर, पूर्व मंत्री बिजेंद्र सिंह कादयान, पवन गर्ग, पूर्व मंत्री आफताब अहमद, पूर्व विधायक सतविंदर राणा, पूर्व विधायक जसबीर मल्लौर, पूर्व मंत्री बीएल सैणी, श्याम सुंदर बत्तरा, कवि राज शर्मा, जाकिर हुसैन, पूर्व मंत्री सुभाष चौधरी, पूर्व विधायक रमेश गुप्ता, वरुण मुलाना, पूर्व विधायक अर्जुन सिंह जगाधरी बतौर पर्यवेक्षक कांग्रेस के पक्ष में माहौल बनाने के लिए कार्य करेंगे।
प्रभारी लगाए गए राज्यमंत्री, विधायक
हरियाणा भाजपा ने राज्य मंत्री कृष्ण कुमार बेदी और नायब सिंह सैनी सहित आधा दर्जन विधायक अलग-अलग विधानसभा के प्रभारी नियुक्त किए हैं। भाजपा प्रदेश मीडिया विभाग प्रमुख राजीव जैन ने बताया कि विधायक घनश्याम दास अरोड़ा हरियाणा से जाने वाले दल के संयोजक नियुक्त किए गए हैं। सोलन में राज्य मंत्री कृष्ण कुमार बेदी, नाहन विधानसभा में राज्य मंत्री नायब सिंह सैनी, कसौली विधानसभा में विधायक ज्ञानचंद गुप्ता, पच्छाद विधानसभा में विधायक श्याम सिंह राणा, अर्की विधानसभा में विधायक पवन सैनी व दून विधानसभा में विधायक असीम गोयल को प्रभारी नियुक्त किया गया है।