पुलिस अफसर बनने का सपना देख रहे युवा ध्यान दें। रिक्रूटमेंट से जड़े से नियम में बड़ा बदलाव कर दिया गया है, ऐसे में भर्ती अब नए नियम के तहत होगी। दरअसल, हरियाणा में अब तृतीय और चतुर्थ श्रेणी की भर्तियों में इंटरव्यू नहीं होगा। मनोहर लाल सरकार ने साक्षात्कार प्रणाली को खत्म करने पर मुहर लगा दी है।
तृतीय श्रेणी में पुलिस कर्मी, चालक-परिचालक, पटरवारी, टीजीटी, जेबीटी, सीएंडवी शिक्षक व अन्य कर्मी आते हैं, जबकि चतुर्थ श्रेणी में चपरासी, चौकीदार, माली, बेलदारी, सफाई कर्मी इत्यादि शामिल हैं। बुधवार को सीएम की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल बैठक में यह निर्णय लिया गया।
केंद्र की मोदी सरकार के निर्देश आने पर लगभग तीन महीने पहले मनोहर कैबिनेट ने इस पर चर्चा की थी, तब वरिष्ठ मंत्रियों ने इस पर पेंच फंसा दिया था। अब सरकार ने केंद्र के बढ़ते दबाव और पंजाब, यूपी व हिमाचल के साक्षात्कार प्रणाली खत्म करने के फैसले के बाद यह हामी भर दी है। इससे प्रदेश में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी की नौकरियों में बड़े पैमाने पर होने वाले भ्रष्टाचार पर रोक लगेगी।
इस समय लिखित परीक्षा और साक्षात्कार का अनुपात
पुलिस भर्ती प्रक्रिया
- फोटो : अमर उजाला
प्रदेश में इस समय लिखित परीक्षा और साक्षात्कार का अनुपात 88:12 का था। सौ नंबर की परीक्षा पर 12 अंक और दो सौ नंबर की परीक्षा पर 25 अंक का साक्षात्कार लिया जा रहा था। इसमें भाई-भतीजावाद होने के सवाल आए दिन उठ रहे थे।
चहेतों को साक्षात्कार में अधिक अंक देकर नौकरी देने के आरोपों से पूर्व हुड्डा सरकार भी घिर चुकी थी। सरकार ने नौकरियां बेचने के आरोपों से बचने के लिए यह कदम उठाया है। प्रदेश में 40 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया पाइपलाइन में है।
इसमें से अधिकांश पद तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के माने जा रहे हैं। प्रदेश में 1995 के बाद हालांकि चतुर्थ श्रेणी पदों पर नियमित भर्ती नहीं हुई है। सरकार ने आउटसोर्सिंग पॉलिसी या अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति कर्मियों को ही स्थायी किया है।
चतुर्थ श्रेणी के चालीस हजार पद खाली
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चतुर्थ श्रेणी के इस समय हरियाणा में चालीस हजार पद खाली चल रहे हैं। पूर्व हुड्डा सरकार ने कार्यकाल के अंतिम समय में भर्तियां निकाली थीं, जिसे मनोहर सरकार ने सत्ता में आने पर रद्द कर दिया था।
तृतीय श्रेणी में जनसंख्या और काम के दबाव के हिसाब से वर्तमान में दो लाख से अधिक कर्मियों की जरूरत है। लेकिन, इस श्रेणी में भी भाजपा सरकार ने तीन साल के कार्यकाल में कोई बड़ी भर्ती नहीं की है। तृतीय और चतुर्थ श्रेणी की भर्तियों में इंटरव्यू खत्म होने के बाद बड़े पैमाने पर भर्ती होने की उम्मीद जताई जा रही है।
सरकार ने फैसला लागू करने की कोई समय सीमा निर्धारित नहीं की है। प्रदेश में रोडवेज चालकों-परिचालकों की भर्ती प्रक्रिया चल रही है। इसमें साक्षात्कार होगा, इसके बाद होने वाली भर्तियां लिखित परीक्षा की मेरिट पर होंगी।