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बिहार पुलिस की 'गुंडागर्दी' देखी, अब जरा हरियाणा पुलिस की 'दादागिरी' देखिए, लोग बने रहे तमाशबीन

Fri, 22 Jun 2018 03:13 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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महिला के साथ पुलिस का बुरा व्यवहार
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बिहार पुलिस की 'गुंडागर्दी' का एक चेहरा टीवी पर देखा होगा, अब जरा हरियाणा पुलिस की 'दादागिरी' भी देखिए। महिला को धक्के पड़ते रहे, लोग खड़े देखते रहे। घटना झज्जर की है, मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के योग संगोष्ठी में पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर खूब मनमानी की।
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योग संगोष्ठी कार्यक्रम में जब सीएम संबोधन खत्म कर अपनी सीट की ओर बढ़ रहे थे तो उसी समय एक परिवार ने सीएम को आवाज लगाकर अपनी बात रखनी चाही। जिसके बाद तुरंत हरकत में आए पुलिस अधिकारियों ने परिवार को वहीं पकड़ लिया। पुलिस अधिकारियों ने बस इतने से ही काम नहीं चलाया, बल्कि एक इंस्पेक्टर ने तो महिला को पकड़कर ऑडिटोरियम से बाहर धक्का दे दिया।

जब यह सब कुछ हो रहा था तो उसे खीएम खुद देख रहे थे, जिसके बाद सीएम ने पुलिसकर्मियों को ऐसा करने से रोका। सीएम मनोहरलाल ने पुलिसकर्मियों को निर्देश दिए कि वे इस परिवार को उनकी गाड़ी के पास लेकर आएं, वहां वे इनकी बात को सुनेंगे। जब पांच मिनट बाद सीएम गाड़ी के पास पहुंचे तो इस परिवार से मिले।
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महिला बोली, बेटे से कुकर्म, पुलिस ने नहीं करवाया मेडिकल
सीएम मनोहरलाल जब अपनी गाड़ी के पास महिला से मिले तो वहां पर उन्होंने महिला का दुख जाना। महिला ने सीएम को बताया कि उसके बेटे के साथ एक साल पहले किसी ने कुकर्म कर दिया था। उसने मामले की शिकायत दी तो पुलिस ने उसके बेटे का मेडिकल तक नहीं करवाया। जिसके बाद सीएम ने कहा कि पीजीआई के बोर्ड से मेडिकल करवा दिया जाएगा। महिला ने बताया कि घटना एक साल पुरानी है तो अब मेडिकल से कुछ फायदा नहीं होगा। जिस पर सीएम ने कहा कि लाई डिटेक्टिव टेस्ट करवा दिया जाएगा।  
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ट्विटर पर शिकायत की तो युवती को घर से उठाया

महिला के साथ पुलिस का बुरा व्यवहार
प्रेम विवाह में धोखा मिलने पर महिला थाना पुलिस द्वारा कार्रवाई नहीं किए जाने के मामले में ट्विटर पर सीएम को शिकायत करने वाली युवती को पुलिस के द्वारा सीएम कार्यक्रम के चलते वीरवार सुबह ही घर से उठा लिया गया। ऐसा आरोप झज्जर शहर निवासी युवती ने लगाया है। युवती का आरोप है कि महिला थाना पुलिस की दो पुलिसकर्मी तथा चार पुरुष पुलिसकर्मी वीरवार को उसके घर अल सुबह ही पहुंच गए। जहां से वे उसे गाड़ी में बैठाकर बहादुरगढ़ की तरफ ले गए।

दो घंटे तक उसे पुलिस टीम ऐसे ही घूमाती रही, जिसके बाद पुलिस ने तीन घंटे तक महिला थाने में रखा। शहर से सीएम मनोहर लाल के चले जाने के बाद युवती को जब छोड़ा गया तो उसने कहा कि अब वो मीडिया को घटना बताएगी, जिस पर पुलिस के द्वारा उसे कहा गया कि वो अब चाहे कहीं चली जाए।

सीएम के कार्यक्रम में कानून व्यवस्था को बनाए रखना की उनकी जिम्मेदारी है। कार्यक्रम में रूकावट पैदा करने वालों को रोका गया था, उनके साथ धक्कामुक्की नहीं की गई।
- पंकज नैन, एसपी, झज्जर
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