रॉबर्ट वाड्रा और भूपेंद्र सिंह हुड्डा।
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सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा से जुड़े जमीन आवंटन मामले में हरियाणा पुलिस ने हलफनामा दाखिल कर बताया कि इस मामले में अब धारा 423 जोड़ दी है। ऐसे में अब पुलिस ने दावा किया है कि सौदे में बेइमानी हुई थी और इस पहलू की अब जांच की जा रही है।
माननीयों के खिलाफ चल रहे आपराधिक मामलों का तेजी से निपटारा करने के लिए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट संज्ञान लेकर सुनवाई कर रहा है। शुक्रवार को हरियाणा पुलिस की तरफ से हाईकोर्ट में हलफनामा दायर कर कहा गया है कि एक सितंबर 2018 को दर्ज एफआईआर नंबर 288 में आईपीसी की धारा 420, 468, 471, 120-बी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13 के साथ ही अब धारा 423 भी जोड़ दी है। इसके अनुसार सौदे में बेईमानी हुई है। इस मामले में सोनिया गांधी के दामाद राबर्ट वाड्रा व हरियाणा के पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा भी आरोपी हैं।
आईजीपी क्राइम कुलविंदर सिंह ने आगे बताया कि राबर्ट वाड्रा की कंपनी स्काइलाइट हॉस्पिटैलिटी ने फरवरी 2008 में गुरुग्राम के शिकोहपुर में ओंकारेश्वर प्रोपर्टीज से 3.5 एकड़ भूमि 7.5 करोड़ रुपये में खरीदी थी। लाइसेंस प्राप्त करने के बाद उस संपत्ति को 58 करोड़ रुपये में डीएलएफ को बेच दिया था। इस सौदे के बाद तत्कालीन हुड्डा सरकार ने डीएलएफ को गुरुग्राम के वजीराबाद में 350 एकड़ जमीन आवंटित की थी।
राज्य पुलिस उक्त सौदे के दौरान हुए वित्तीय लेनदेन के रिकॉर्ड की जांच कर रही है, जो राज्य में 2014 के संसदीय चुनाव में एक चुनावी मुद्दा बन गया था। मामले की आगे की जांच के लिए 22 मार्च 2023 को राज्य पुलिस द्वारा एक डीसीपी, दो एसीपी, एक इंस्पेक्टर और एएसआई की एक नई विशेष जांच टीम (एसआईटी) का भी गठन किया गया है।