हरियाणा में पंचायत चुनाव चार चरणों में कराने की तैयारी चल रही है। राज्य चुनाव आयोग ने सभी डीसी को इस संबंध में पत्र लिखा है। डीसी ने स्टाफ की कमी से राज्य चुनाव आयुक्त को अवगत कराया था। उन्होंने कहा था कि दो चरणों में चुनाव होने पर स्टाफ कम पड़ जाएगा। इसलिए छठे आम पंचायती राज चुनावों को संपन्न कराने के लिए स्थिति स्पष्ट करें।
जिला परिषद और पंचायत समिति, सरपंच और पंच के चुनाव अगर दो चरणों में होते हैं तो कर्मचारियों की कमी रहेगी। इससे प्रबंधन मुश्किल हो जाएगा। इसे देखते हुए आयोग ने डीसी को कहा है कि वे चार चरणों के हिसाब से पंचायत चुनाव की तैयारी करें। पहले व दूसरे चरण में जिला परिषद, पंचायत समिति, तीसरे-चौथे चरण में सरपंच और पंच के चुनाव कराए जा सकते हैं।
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एक बूथ 1000 मतदाताओं पर बनाया जाएगा। जिसमें एक प्रीजाइडिंग अधिकारी व तीन मतदान अधिकारी रहेंगे। इस हिसाब से स्टाफ की गणना करें, इसके बाद भी अगर कर्मचारियों की कमी रहती है तो तुरंत आयोग को अवगत करवाया जाए।
हरियाणा चुनाव आयोग ने सरकार से 30 नवंबर तक चुनाव करवाने की मोहलत मांगी हुई है। अभी सरकार ने 30 सितंबर से अवधि बढ़ाकर तीस नवंबर करने की अधिसूचना जारी नहीं की है। 30 सितंबर से पहले विकास एवं पंचायत विभाग और डीसी आरक्षण तय कर आयोग को सूची भेजेंगे। इसके बाद आयोग चुनाव कार्यक्रम जारी करेगा। 24 अक्तूबर को दिवाली और आसपास और त्योहार आने के कारण 15 नवंबर तक चुनाव संभव हैं।