हरियाणा में कड़ी सुरक्षा के बीच हुए पंचायती राज संस्थाओं के लिए पहले चरण का चुनाव शांतिपूर्ण संपन्न हुआ। नौ जिलों में ब्लॉक समिति और जिला परिषद सदस्यों के लिए हुए चुनाव में पिछली बार के मुकाबले उत्साह कम रहा। इस बार 70.7 फीसदी मतदान हुआ, जो पिछली बार से 15.7 फीसदी कम है। वर्ष 2016 में यह आंकड़ा 86.4 प्रतिशत और 2010 के चुनाव में 85 फीसदी मतदान हुआ था।
पहले चरण के पंचायत समिति व जिला परिषद सदस्यों के चुनाव के लिए मतदान संपन्न होने पर मतदान में लगे सभी कर्मचारियों व अधिकारियों को बधाई। कहीं भी किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है। कुछ जगहों पर ईवीएम में खराबी आई थी, लेकिन चुनाव प्रक्रिया में लगे अधिकारियों ने तत्काल उस मशीन को बदला और मतदान शुरू करवाया। जहां-जहां मतदान खत्म हो गया है, वहां-वहां पोलिंग स्टॉफ ने ईवीएम को जमा करवा दिया है। सभी ईवीएम को स्ट्रॉगरूम में रखा जाएगा। -धनपत सिंह, हरियाणा राज्य चुनाव आयुक्त।
पिछली बार भी पंचकूला रहा था अव्वल
वर्ष 2016 में भी पंचकूला में रिकार्ड पंचकूला में 91.7 प्रतिशत हुआ था। कैथल में 87.4 प्रतिशत, यमुनानगर में 90.0 प्रतिशत, महेंद्रगढ़ में 81.3 प्रतिशत, झज्जर में 82.0 प्रतिशत, मेवात में 79 प्रतिशत, पानीपत में 84.1 प्रतिशत, जींद में 79.9 प्रतिशत, भिवानी में 67.3 प्रतिशत मतदान हुआ था। गौरतलब है कि पिछली बार भी प्रदेश में तीन चरणों में चुनाव हुआ था, लेकिन उस समय ब्लाक वाइज चुनाव हुआ था और एक ही समय चारों पदों के लिए चुनाव हुआ था। इस बार जिला परिषद, ब्लॉक समिति के लिए एक दिन और पंच और सरपंच के लिए एक दिन मतदान हो रहा है।
जींद, झज्जर और महेंद्रगढ़ के पांच गांवों में मतदान का बहिष्कार, ईवीएम खराब होने से पांच जगह मतदान प्रभावित
चंडीगढ़। ब्लाक और जिला परिषद के चुनाव में रविवार को जींद और महेंद्रगढ़ के दो -दो गांवों, झज्जर के एक गांव में वोटरों ने मतदान का बहिष्कार किया। इसके अलावा झज्जर के बहादुरगढ़ के दो गांवों, पानीपत, भिवानी और झज्जर के एक-एक गांव में ईवीएम खराब होने के कारण मतदान बाधित रहा। जबकि कैथल के गांव खरकां और शहर में पट्टी डोगर में ईवीएम में खराबी के कारण शुरू में ही मशीनें बदलनी पड़ी, लेकिन मतदान प्रभावित नहीं हुआ।