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हरियाणा: दुष्यंत चौटाला पर इस्तीफे का दबाव, सीएम मनोहर लाल से की मुलाकात

Sat, 19 Sep 2020 02:27 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

  • कृषि अध्यादेश, लाठीचार्ज मामले में डिप्टी सीएम ने सीएम से की मुलाकात
  • विपक्ष हुआ दुष्यंत पर हमलावर, जेजेपी की जांच की बात विज ने की खारिज
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विस्तार
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कृषि अध्यादेशों पर हरियाणा में भी सियासत चरम पर है। कांग्रेस पूरी तरह से गठबंधन सरकार और उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला को घेरे हुए है। शिअद नेता हरसिमरत कौर बादल के केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा देने के बाद दुष्यंत पर भी इस्तीफे का दबाव विपक्ष बना रहा है। बावजूद इसके भाजपा-जेजेपी के गठबंधन पर फिलहाल आंच नजर नहीं आ रही।

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शुक्रवार सुबह दुष्यंत चौटाला ने सीएम मनोहर लाल से उनके निवास पर मुलाकात की। इस दौरान कृषि अध्यादेशों व पिपली लाठीचार्ज पर बात हुई। दुष्यंत ने किसानों की शंकाएं दूर करने की बात कही। उन्होंने किसानों के मद्दे पर अपना रुख भी सीएम को स्पष्ट किया। सूत्रों के अनुसार गठबंधन सरकार किसानों के बीच जाकर उन्हें अध्यादेशों के फायदे बताएगी। 

दुष्यंत ने सीएम से किसानों पर हुए लाठीचार्ज की जांच की मांग भी की। उन्होंने कहा है कि लाठियां चलाने वालों की पहचान होना जरूरी है। लेकिन, उनकी जांच की मांग को दोपहर बाद गृह मंत्री विज ने एक बार फिर सिरे से नकार दिया। उन्होंने दोहराया कि किसानों पर कोई लाठीचार्ज नहीं हुआ। जब लाठीचार्ज हुआ ही नहीं तो जांच कैसी। दुष्यंत ने गठबंधन धर्म निभाते हुए इसका कोई जवाब नहीं दिया।

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दुष्यंत पर कांग्रेस के जुबानी हमलों का जवाब उनके छोटे भाई दिग्विजय चौटाला दे रहे हैं। उन्होंने व जेजेपी प्रदेशाध्यक्ष निशान सिंह ने किसानों के मुद्दों पर आवाज बुलंद की हुई है। किसानों के मुद्दे को गठबंधन सरकार किस तरह सुलझाती है, ये देखना होगा। चूंकि, किसानों की नाराजगी जेजेपी किसी सूरत में मोल नहीं लेना चाहती।

किसानों के मुद्दों पर मनोहर, दुष्यंत गंभीर, कांग्रेस बौखलाई : दिग्विजय
इनसो के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिग्विजय सिंह चौटाला ने कहा कि किसानों के विषय पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल और उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला पूरी तरह गंभीर हैं। शुक्रवार को दोनों ने किसानों की शंकाएं दूर करने के लिए विस्तारपूर्वक चर्चा की, जिसमें एमएसपी, पीपली में लाठीचार्ज समेत कई मुद्दों पर बातचीत हुई। 

दिग्विजय ने बताया कि बैठक में लाठीचार्ज की जांच और जो लोग वीडियो में लाठी चलाते दिख रहे हैं उन सब पर भी चर्चा की गई। दिग्विजय ने विश्वास जताया कि लाठीचार्ज की घटना की जांच होगी। वे शुक्रवार को चंडीगढ़ स्थित जेजेपी कार्यालय में पत्रकारों से बात कर रहे थे।

दिग्विजय ने कहा कि जब अध्यादेशों को लेकर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों की शंकाओं को अच्छी तरह से दूर किया है तो पूरे देश को उन पर विश्वास करना चाहिए। जननायक चौधरी देवीलाल की जयंती के दिन 25 सितंबर से धान की खरीद शुरू हो रही है जिसमें एमएसपी को लेकर प्रदेश के किसानों में फैला भ्रम भी दूर हो जाएगा। कांग्रेस ने वित्तीय सहायता कर कुछ संगठनों के साथ मिलकर भोले-भाले किसानों को भ्रमित करने का कार्य किया है जिसका जल्द पर्दाफाश किया जाएगा।

कांग्रेस ढलता सूरज, उसके गलत इरादों में नहीं बनेंगे भागीदार
दिग्विजय ने कांग्रेस को ढलता सूरज बताया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी उगते सूरज दुष्यंत चौटाला के निरंतर बढ़ रहे जनाधार को देखकर परेशान है, इसलिए वे दुष्यंत की छवि खराब करने के लिए ऐसे तरह-तरह की साजिशें रच रही है। दिग्विजय ने कहा कि कांग्रेस किसी गलतफहमी में न रहे, जेजेपी किसी भी सूरत में कांग्रेस के गलत इरादों में भागीदार नहीं होगी।

गृह मंत्री से करेंगे बात, लाठी चलाने वालों पर हो कार्रवाई
इनसो अध्यक्ष ने बताया कि उन्होंने गुरुवार को कुरुक्षेत्र में घायल किसान नत्था राम के घर पर मुलाकात की। किसान ने खुद बताया कि उनके पैर पर पुलिस की लाठी लगी। जिसने किसानों पर लाठी चलाई है उन पर कार्रवाई होनी चाहिए। इसे लेकर गृह मंत्री से भी बातचीत की जाएगी। पार्टी ने पूरी तरह से इस विषय पर अपना पक्ष स्पष्ट कर दिया है।
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किसानों के नाम पर बेवजह राजनीति कर रहा विपक्ष : दलाल

कृषि अध्यादेशों को लेकर कांग्रेस के विरोध पर पलटवार करते हुए कृषि मंत्री जेपी दलाल ने कहा कि विपक्षी दल अब किसान को गुमराह नहीं कर सकते हैं क्योंकि केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व राज्य में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने किसानों को आर्थिक रूप से समृद्ध व खुशहाल बनाने का संकल्प लिया है।

दलाल ने कहा कि विपक्षी पार्टियां हाल ही में केंद्र सरकार द्वारा किसान हित में लाए गए तीन अध्यादेशों पर बेवजह राजनीति कर रही हैं, जबकि हकीकत में ये अध्यादेश किसान हित में हैं। मंडियों के बाहर अगर किसान अपनी उपज बेचना चाहे तो सरकार को कोई आपत्ति नहीं। मंडियों में पहले की तरह फसलों की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य पर होती रहेगी। अध्यादेशों के माध्यम से किसानों को अतिरिक्त सुविधा दी गई है। किसान अपनी उपज में केवल अपने प्रदेश की मंडियों में बल्कि अन्य राज्यों की मंडियों में भी अपनी सुविधा के अनुसार बेच सकता है।
 
कृषि मंत्री ने कहा कि डिजिटलाइजेशन का यह कार्य प्रदेश में दो वर्ष पूर्व आरंभ की गई ‘मेरी फसल-मेरा ब्योरा’ पोर्टल के लिए उस समय काफी कारगर सिद्ध हुआ। जब लॉकडाउन के बावजूद इस वर्ष रबी फसलों की ई-खरीद के माध्यम से गेहूं व सरसों की रिकार्ड खरीद संभव हो पाई। दलाल ने कहा कि कृषि के साथ-साथ किसानों की आय संबंद्ध क्षेत्रों से भी बढ़े, जिसमें पशुपालन एक प्रमुख क्षेत्र है। हरियाणा को प्रति व्यक्ति दूध उत्पादकता में भी देश का एक अग्रणी राज्य बनाने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड की तर्ज पर पशुधन क्रेडिट कार्ड योजना तैयार की है।
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