- भौतिक रूप से फाइल नहीं चलेगी। ई ऑफिस प्रोजेक्ट से ही फाइल जाएंगी।
- बैठकें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से ही करनी होंगी।
- दफ्तरों में मास्क व सैनिटाइजर की आपूर्ति सूची रखनी होगी
- हाइजीन का दफ्तरों में पूरा ख्याल रखना होगा। साबुन व पानी की कमी नहीं होनी चाहिए
- पानी के टैंक, कूलर व एसी की नियमित सफाई करनी जरूरी है
- अगर स्वास्थ्य कारणों से छुट्टी की जरूरत है तो आवेदन मिलने पर तुरंत दें।
- कर्मचारियों की कोरोना जांच के लिए नियमित शिविर सरकारी कार्यालयों में लगाएं।
स्टे होम ओपीडी से मिलेगा मुफ्त चिकित्सक परामर्श
हरियाणा में लोगों को घर पर ही चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने के लिए ‘ई-संजीवनी ओपीडी’ के नाम से स्टे होम ओपीडी की शुरुआत की गई है। इससे राज्य के मरीज स्वयं को ई-संजीवनी पर पंजीकृत कर नि:शुल्क ऑनलाइन चिकित्सक परामर्श ले सकते हैं। स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने कहा कि कोरोना से उत्पन्न परिस्थितियों के फलस्वरूप अन्य बीमारियों के मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसके दृष्टिगत केंद्र ने ई-संजीवनी ओपीडी की शुरुआत की है। इसी सेवा को हरियाणा में भी शुरू कर दिया गया है, जिसके तहत अभी तक करीब एक हजार से अधिक मरीजों ने इसका लाभ उठाया है।
राज्य के सभी मरीजों को यह सुविधा पूरी तरह से मुफ्त दी जा रही है। मरीजों को ई-संजीवनी ओपीडी एप को अपने मोबाइल में डाउनलोड करना होगा, जिसके बाद टोकन नंबर मिलेगा। विज ने बताया कि सरकार प्रत्येक मरीज को उनके घर पर ही चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए कृतसंकल्प है।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि कोरोना के कारण लोगों को कई प्रकार की शारीरिक एवं मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए इन दिक्कतों से संबंधित यदि समय पर काउंसलिंग व उपचार न किया जाए तो बीमारी बढ़ने की संभावना बनी रहती है, जिनको दूर करने में स्टे होम ओपीडी की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। उन्होंने कहा कि मरीजों के लिए यह सुविधा प्रत्येक सोमवार से शनिवार को सुबह 10 से 1 बजे व शाम 3 से 5 बजे तक रहेगी।