हरियाणा सरकार का फोकस 2021 में किसान और आमजन पर रहेगा। गुरुवार को नव वर्ष की पूर्व संध्या पर सीएम मनोहर लाल ने 2020 का लेखा-जोखा प्रस्तुत करने के साथ ही 2021 का विजन भी सामने रखा। सरकार आमजन के जीवन और सुगम बनाने के लिए जहां नई योजनाएं लाकर ई-गवर्नेंस को बढ़ावा देगी, वहीं कम आय वर्ग के एक लाख लोगों को दक्ष बनाकर रोजगार, स्वरोजगार के जरिये आर्थिक तौर पर मजबूत किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से बातचीत में साफ कर दिया कि किसान उनके भाई हैं और उनकी आय बढ़ाने पर विशेष ध्यान देंगे। प्रगतिशील किसानों का पंजीकरण किया जाएगा। कृषि विभाग को इसके निर्देश दिए जा चुके हैं। जो प्रगतिशील किसान अन्य किसानों को अपने जैसा बनाने के लिए प्रशिक्षित करेंगे, उन्हें पुरस्कृत किया जाएगा। अगर किसान एक साथ मिलकर सरकार को 250 एकड़ भूमि मुहैया कराते हैं तो उसे सिंचित करने के लिए 85 फीसदी सब्सिडी देंगे। यह राशि बढ़ाई भी जा सकती है।
नव वर्ष में यह होगा खास
प्रदेश के सबसे गरीब एक लाख परिवारों का उत्थान किया जाएगा। 31 मार्च 2021 के बाद परिवार पहचान पत्र पोर्टल के माध्यम से प्रदेश में सबसे कम पारिवारिक आय वाले एक लाख गरीब परिवारों का चयन किया जाएगा। उनका जीवन स्तर ऊंचा उठाने के हर संभव प्रयास किए जाएंगे। इसके लिए प्रदेश सरकार ऐसे परिवारों के सदस्यों का कौशल विकास करेगी। जिनके पास रोजगार नहीं हैं, उन्हें रोजगार के अवसर मुहैया करवाने और वित्तीय सहायता प्रदान करने पर जोर देगी। यदि किसी परिवार का कोई पैतृक कार्य है तो उसे प्रोत्साहन दिया जाएगा। इस अभियान में यह सुनिश्चित किया जाएगा कि हर परिवार अपना भरण पोषण कर सके। इसमें गांव-शहर के किसान शामिल होंगे। कम से कम 8 से 9 हजार रुपये आमदनी की व्यवस्था इनके लिए सुनिश्चित की जाएगी।