पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा।
- फोटो : अमर उजाला
हरियाणा के पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कृषि विधेयक पर कहा कि सरकार को चौथा कृषि विधेयक भी लाना चाहिए। इसके तहत मंडी के बाहर भी एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) अनिवार्य हो। इसके लिए कानून लागू होना चाहिए, यदि कोई इसे नहीं मानता तो उस पर कानूनी कार्रवाई हो। वह रविवार को तिलयार पर पहुंचे थे।
पूर्व सीएम ने मीडिया से बातचीत में बताया कि भाजपा के पास बहुमत है, वह मनमानी कर ही है। जो कृषि विधेयक है, वह किसान विरोधी है। इसमें किसानों का अहित है। इसे लागू नहीं होने दिया जाएगा। यह किसान, आढ़ती व मजदूर विरोधी विधेयक है। इसका विरोध किया जाएगा और राज्यपाल को भी आग्रह किया गया है कि इसके लिए विशेष सत्र बुलवाया जाए।
भाजपा नेता जो कह रहे हैं कि उनके चुनावी घोषणा पत्र में यह था तो सही नहीं है। उन्होंने अपने चुनावी घोषणा पत्र में इस तरह का कोई वादा नहीं किया था। हमने विस्तार की बात कही थी, इससे दूरगामी किसानों को लाभ होता। किसानों को एमएसपी देने की बात कही गई थी। सरकार चौथा विधेयक क्यों नहीं बनाती कि मंडी के बाहर भी किसान फसल बेच सकता है। लेकिन इस पर एमएसपी लागू होगी, यदि कोई इसका उल्लंघन करता है तो उस पर कानूनी कार्रवाई होगी।
एमएसपी मंडी के बाहर भी लागू होना चाहिए। यदि यह लागू होता है तो उन्हें विधेयक मंजूर होगा। इसके साथ वह स्वामीनाथन का सी-टू फार्मूला लागू करें। यह विधेयक सिर्फ धनाढय लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए पास किया है। यदि यह विधेयक किसान विरोधी न होता तो इनके मंत्री इस्तीफे क्यों देते। किसानों पर लाठीचार्ज को इनके पार्टी अध्यक्ष कह रहे हैं बड़ा अन्याय हुआ, गठबंधन अध्यक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। इसकी जांच हाईकोर्ट के सीटिंग जज से कराई जानी चाहिए।