रिअपीयर के विद्यार्थियों के लिए किसी भी प्रकार की स्थिति स्पष्ट नहीं की गई इसलिए स्थिति को स्पष्ट करते हुए निर्णय लिया जाए, जिससे विद्यार्थियों का वर्ष खराब ना हो। कंटेनमेंट या रेड जोन से आने वाले छात्रों के लिए अलग से परीक्षा देने की व्यवस्था की जाए, जिससे उनका वर्ष बचाया जा सके। बीते मार्च में कुछ विद्यार्थी शिक्षा परिसरों से अपने घर चले गए थे इसलिए उनके छात्रावास निशुल्क आदि वापस किए जाएं।
परीक्षा से पहले ही परिवहन की व्यवस्था सुचारू रूप से शुरू की जाए ताकि परीक्षार्थियों को आने जाने की कोई समस्या ना हो। सबसे जरूरी बात प्रदेश के अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों की परीक्षा से संबंधित समस्याओं को दूर किया जाए पर्याप्त समय देकर परीक्षा तिथि की जानकारी दी जाए। अगर परीक्षा ऑनलाइन है तो मॉक टेस्ट पहले आयोजित किए जाएं।
परीक्षाओं के समय विद्यार्थियों को आने वाली समस्याओं के समाधान हेतु उच्च शिक्षा विभाग द्वारा प्रत्येक जिला केंद्र पर एक जिला कोऑर्डिनेटर नियुक्त किया जाए। परीक्षाओं या अन्य किसी भी विषय में उच्च शिक्षा विभाग द्वारा नोटिफिकेशन जानकारी अंग्रेजी माध्यम के साथ-साथ राष्ट्रभाषा हिंदी में भी प्रसारित की जाए।