यूपी के सीएम योगी की तरह कुर्सी संभालते ही नए डीजीपी बीएस संधू ने कड़े तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। अब किसी की खैर नहीं होगी। हरियाणा पुलिस मुख्यालय में विभाग के अधिकारियों के साथ लंबी बैठक के बाद उन्होंने सभी पुलिस आयुक्तों, आईजी रेंज, एसपी, डीसीपी, एसीपी, डीएसपी और पुलिस इंस्पेक्टरों को अपने विजन व एक्शन प्लान से अवगत करा दिया है।
सभी के साथ विचार-विमर्श करने के बाद डीजीपी ने पांच सूत्रीय एजेंडा तैयार किया है, इस पर पहली से 15 मई तक प्रदेश की पुलिस विशेष अभियान चलाएगी। मुख्य उद्देश्य ड्रग्स तस्करों, उत्पादकों और अवैध हथियारों के कारोबार की कमर को तोड़ना है। नशाखोरी रोकना उनके एजेंडा में सबसे ऊपर है।
यहां हरियाणा निवास में डीजीपी बीएस संधू ने एडीजीपी मुख्यालय पीके अग्रवाल और एडीजीपी कानून-व्यवस्था मोहम्मद अकील के साथ मीडिया से अपनी रणनीति साझा की। उन्होंने कहा, पुलिस के प्रति जनता का विश्वास और बढ़ाया जाएगा। जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान खराब हुई छवि में सुधार का रोडमैप भी तैयार किया गया है। पाक्षिक अभियान के बाद डीजीपी खुद भी जिलों में जाएंगे।
ये है डीजीपी का विजन
रोड साइड रोमियो के खिलाफ चला 'ऑपरेशन दुर्गा'
1. ड्रग्स का अवैध कारोबार रोकना
डीजीपी की पहली प्राथमिकता ड्रग्स और अवैध शराब की बिक्री को रोकना है। पुलिस अधिकारियों को सख्ती से ड्रग्स की बिक्री और सेवन रोकने के निर्देश।
2. अवैध हथियारों का रोकेंगे इस्तेमाल
प्रदेश में आपराधिक घटनाओं में अवैध हथियारों का प्रयोग बढ़ा है। पुलिस अब अभियान चलाकर अवैध हथियारों को जब्त करेगी।
3. अब पुलिस का ऑपरेशन दुर्गा
मुख्यमंत्री के उड़नदस्ते के बाद अब हरियाणा पुलिस मनचलों के खिलाफ ऑपरेशन दुर्गा चलाने जा रही है। सार्वजनिक स्थलों पर ईव टीजिंग और छेड़छाड़ के मामले रोकने के लिए स्कूल, कालेजों, यूनिवर्सिटी, सार्वजनिक स्थानों, बस अड्डों और रेलवे स्टेशनों पर अभियान चलेगा। पार्कों और मार्केट में सहमति से बैठे जोड़ों को नहीं पकड़ा जाएगा। स्कूल-कॉलेजों के बाहर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। पांच जिलों में महिला एसपी के नेतृत्व में सादी वर्दी में कार्रवाई होगी।
4. ओवर स्पीड और ड्रंकनड्राइव अभियान
पुलिस शराब पीकर गाड़ी चलाने और ओवर स्पीड वाहन चालकों के खिलाफ अभियान शुरू करेगी। सड़क दुर्घटनाएं रोकने के लिए ये निर्णय लिया गया है।
5. शिकायतें नहीं रहेंगी लंबित
जनता में विश्वास बढ़ाने के लिए पुलिस अधिकारियों को लोगों के साथ ज्यादा संवाद कायम करने, रोजाना शिकायतें सुनकर कार्रवाई और पीड़ितों को सुरक्षा मुहैया कराने के निर्देश। सटीक जानकारी के लिए मुख्यालय पर पीआरओ और जिलों में एपीआरओ लगाए जाएंगे।