हरियाणा विधानसभा का मानसून सत्र
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हरियाणा में टूटी सड़कों का मामला मंगलवार को भी सदन में गूंजा। उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला और झज्जर से कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल एक बार फिर भिड़ गए। डिप्टी सीएम ने कहा कि जमीन अधिग्रहण में किसान अधिक पैसे मांगते हैं, इसलिए विधायक गीता भुक्कल बाईपास के लिए जमीन दिलाए तो 15 माह में बाईपास बनवा देंगे। इस पर नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र हुड्डा ने पलटवार करते हुए कहा कि जब विधायक प्रोजेक्ट और सड़कों के लिए जमीन दिलाएंगे तो सरकार क्या करेगी।
एक दिन पहले झज्जर से विधायक गीता भुक्कल ने सदन में टूटी सड़कों की तस्वीरें दिखाई थीं। मंगलवार को दुष्यंत ने कहा कि जिन सड़कों की तस्वीर विधायक ने दिखाई हैं, उनकी वीडियोग्राफी कराई गई है, सड़कें ठीक हालत में हैं। गीता भुक्कल पर तंज कसते हुए चौटाला ने कहा कि विधायक ने बारिश के समय की गड्ढों में जाकर फोटो ली हैं।
इसको लेकर गीता भुक्कल ने पलटवार किया और दावा किया अधिकतर सड़कें टूटी हुई हैं। सड़कों में गड्ढे उन्होंने नहीं किए हैं। झज्जर की सड़कों ठीक करने के एस्टीमेट पास नहीं किए जा रहे, पीडब्ल्यूडी के अधिकारी स्वयं इस बात को कह रहे हैं। भुक्कल के साथ ही कांग्रेस के अन्य विधायकों ने भी टूटी सड़कों का मामला उठाया और सरकार को घेरा। कालका से प्रदीप चौधरी, साढौरा से रेणु बाला, बीएल सैनी ने भी हलके में टूटी हुई सड़कों की बात दोहराई। इनके अलावा, प्रश्नकाल में यमुनानगर के विधायक घनश्याम दास ने कहा कि यमुनानगर से रादौर की सड़क पूरी तरह से क्षतिग्रस्त है।
कमीशनखोरी के आरोप: वत्स
बादली से विधायक कुलदीप वत्स ने आरोप लगाया कि टेंडर लेने के लिए 8 से 10 प्रतिशत तक कमीशनखोरी चल रही है। इस पर स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता ने कहा कि बिना तथ्य कोई बात सदन में न कहें। वत्स ने कहा कि वह जो बोल रहे हैं, उसको टेबल कर रहे हैं। हर विभाग में भ्रष्टाचार फैला हुआ है, वह इसके सबूत भी देंगे। हालांकि, जैसे ही वत्स ने ये आरोप लगाए तो मंत्री अनूप धानक व जुलाना से विधायक अमरजीत ढांडा ने खड़े होकर इसका विरोध जताया।