हरियाणा के विधायकों की नीति निर्माण में भूमिका बढ़ने वाली है। विधानसभा अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता ने इसका पूरा खाका तैयार कर लिया है। इस सिलसिले में वीरवार को विधानसभा सचिवालय में विधायकों के लिए प्रशिक्षण कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। सेंटर फॉर सिविल सोसाइटी के तत्वावधान में हुई कॉन्फ्रेंस के पहले चरण में 10 विधायकों ने हिस्सा लिया। कोविड-19 के कारण सामाजिक दूरी संबंधित नियमों के पालन के लिए सभी विधायकों को एक साथ नहीं बुलाया गया।
ज्ञान चंद गुप्ता की अध्यक्षता में हुई कॉन्फ्रेंस का संचालन सेंटर फॉर सिविल सोसाइटी के सीईओ के. यतीश राजावत ने किया। इस पर गहन विमर्श हुआ कि गुरुग्राम ने विकास की बुलंदियों को कैसे छुआ, बड़े औद्योगिक ढांचे वाले फरीदाबाद में विकास की गति अपेक्षाकृत कम कैसे रही। गुरुग्राम की तर्ज पर हरियाणा के दूसरे शहरों के लिए विकास की योजनाएं क्यों नहीं तलाशी गईं। ज्ञान चंद गुप्ता ने कहा कि दुनिया जिस रफ्तार से आगे बढ़ रही है, उसी रफ्तार से नीतियां भी बनानी पड़ रही हैं।
जाहिर है इन सभी नीतियों का समग्रता से अध्ययन करना हर जनप्रतिनिधि के लिए संभव नहीं है। इनके निहित उद्देश्यों को समझना और फिर उनके प्रभावी क्रियान्वयन की रूपरेखा तय करना भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जितनी बड़ी जिम्मेदारी होती है, उतने ही व्यापक प्रशिक्षण और अनुभव की आवश्यकता रहती है। विधायकों का अधिकतर समय जन सामान्य के बीच गुजरता है। अनेक तरह की समस्याओं का अंबार उनके सामने होता है। उन्हें हल करने की जिम्मेदारी उनकी होती है।