हरियाणा में बहुचर्चित खरखौदा शराब घोटाले की जांच कर रही बिना ताकत की एसईटी ने इस मामले में एक और घोटाले की पूंछ पकड़ ली है। अब इस घोटाले की गहराई से विजिलेंस विभाग जांच करेगा। उम्मीद है कि इस जांच में बहुत कुछ निकल कर आएगा। इस जांच के लिए गृह मंत्री अनिल विज ने एक बार फिर से एसआईटी की सिफारिश की है।
इस बार अगर उनकी सुझाई गई सिफारिश पर अमल करते हुए सरकार एसआईटी के स्थान पर एसईटी का गठन नहीं करती है तो काफी कुछ बाहर आ सकता है। गृह मंत्री अनिल विज ने कहा है कि उन्होंने एसईटी की रिपोर्ट को पूरी तरह से मान्य मान लिया है। अब इस मामले में हर उस व्यक्ति के खिलाफ एक्शन होगा जो इस घोटाले में शामिल है।
नियम यह है आबकारी विभाग के माध्यम से हर दो वर्ष में पकड़ी जाने वाली टाप की शराब नष्ट की जानी चाहिए। जो कि एक डीईटीसी के अलावा किसी डीईटीसी ने नष्ट नहीं की है। इस मामले में आगे जांच होगी। मैं इस मामले की जांच विजिलेंस विभाग को रिकमंड कर रहा हूं। इस मामले में एक और एफआईआर दर्ज होगी और विजिलेंस इस मामले में एसआईटी बना कर जांच करेगा।
यह भी पाया गया है कि अधिकतर मामलों में पुलिस ने तस्करी में संलिप्त ट्रक चालकों पर एफआईआर दर्ज की है। ऐसे करीब 200 मामले सामने आए हैं। जिससे यह प्रतीत होता है कि यह पुलिस और आबकारी विभाग की साठगांठ है। अब इस मामले में जांच होगी तो यह भी निकल कर सामने आएगा कि यह माल किसका था।