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लोगों के हित में कैबिनेट के 14 अहम फैसले

Wed, 27 Aug 2014 01:45 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक में कर्मचारियों को लुभाने के लिए सरकार ने कई फैसले लिए, सेवानिवृत्ति की उम्र पर चल रहे संशय को समाप्त कर सरकार ने सरकारी कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति की आयु 58 वर्ष से बढ़ाकर 60 वर्ष कर दिया है। जबकि चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु को 60 से बढ़ाकर 62 वर्ष करने का निर्णय लिया है।
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इसके अलावा सरकार ने सरकारी नौकरी के लिये आवेदन करने की अधिकतम आयु सीमा को दो वर्ष बढ़ाने का निर्णय लिया है। अब यह उम्र 40 के स्थान पर 42 वर्ष होगी।

सरकार नौकरी के लिए आवेदन की आयु

मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने मंत्रिमंडल की बैठक के बाद यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अधिकतम आयु सीमा में वृद्धि करने का यह निर्णय जनसाधारण की मांग के आधार पर लिया गया है, क्योंकि यह महसूस किया गया है कि सेवानिवृत्ति की आयु के बाद सरकारी कर्मचारियों को दो वर्ष के लिये पुन: नियुक्ति दिए जाने से कर्मचारी की सेवानिवृत्ति दो वर्ष के लिये रुक जाने की संभावना है।

इसके फलस्वरूप, बेरोजगार लोगों के लिए सरकारी नौकरियों के अवसर कम उपलब्ध होंगे। इसलिए सभी श्रेणियों की सरकारी नौकरी में प्रवेश के लिए अधिकतम आयु सीमा को 40 से बढ़ाकर 42 वर्ष करने से बेरोजगार लोगों को सरकारी नौकरी के लिए आवेदन करने का समान अवसर प्रदान करना उनके हित में होगा।

पीजीटी और हेडमास्टर पदोन्नति अनुपात में संशोधन

हरियाणा मंत्रिमंडल के निर्णय के मुताबिक  प्रिंसिपल के पद पर पदोन्नति हाई स्कूल के हेडमास्टर या पीजीटी अध्यापकों में से 33:67 के अनुपात में की जाती है। पीजीटी के स्वीकृत पद 33,000 हैं और इस समय 15,000 कार्यरत हैं।

हाई स्कूल हेडमास्टर के स्वीकृत पद 1500 हैं। इस समय 1300 हाई स्कूल हेडमास्टर कार्यरत हैं। इसी प्रकार, पीजीटी की संख्या बढ़ रही है और हाई स्कूल हेडमास्टर की संख्या स्थिर है। इसलिए मंत्रिमंडल ने  33:67 के अनुपात को 20:80 करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।

शारीरिक शिक्षा में एमए के साथ बीपीएड या डीपीएड

मंत्रिमंडल ने शारीरिक शिक्षा में पीजीटी के पद के लिए शैक्षणिक योग्यता में संशोधन करने का भी निर्णय लिया है। पीजीटी शारीरिक शिक्षा की शैक्षणिक योग्यता शारीरिक शिक्षा में एमए और बीएड है। लेकिन अब यह संशोधन किया गया है कि यह योग्यता बीएड की बजाय शारीरिक शिक्षा में एमए के साथ-साथ बीपीएड या डीपीएड होगी।

शारीरिक शिक्षा में टीजीटी के लिये प्राथमिक स्कूल हेडमास्टर के पद पर पदोन्नति के कोई अवसर नहीं थे। इसलिए शारीरिक शिक्षा के टीजीटी के लिए भी प्राथमिक स्कूल हेडमास्टर के पद पर पदोन्नति देने के लिए आवश्यक संशोधन करने का फैसला किया है।

कैबिनेट के अन्य महत्वपूर्ण फैसले

- हरियाणा में अब 20 साल की सेवा अवधि के बाद कर्मचारी पेंशन के पात्र होंगे। सरकार ने मंत्रिमंडल की बैठक में पेंशन की गणना के लिए अर्ह सेवा अवधि को 28 से घटाकर 20 वर्ष करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।

- मंत्रिमंडल ने मेवात जिले की पुन्हाना तहसील को उपमंडल का दर्जा देने का निर्णय लिया है।

- सहकारी बैकों द्वारा किसानों को ब्याजमुक्त फसली ऋण सहकारी बैकों से लिए फसली कर्ज की समय पर अदायगी करने वाली किसानों का समस्त ब्याज सरकार वहन करेगी। वर्तमान में लिए जाने वाला चार प्रतिशत की ब्याज राशि की अदायगी सरकार द्वारा सहकारी बैंक को दी जाएगी।

- सहकारी बैंकों द्वारा किसानों द्वारा लिए गए लंबी अवधि के कर्जों पर आधा ब्याज माफ होगा। सहकारी बैंकों से जिन किसानों ने लंबी अवधि के कर्ज लिए हैं वे समय पर अदायगी करते हैं तो उनका आधा ब्याज सरकार वहन करेगी।

- राज्य के कर्मचारियों को पंजाब के समान वेतनमान। राज्य के सभी कर्मचारियों को एक नवंबर, 2014 से पंजाब के बराबर वेतनमान दिए जाएंगे। इस संबंध में विस्तृत गाइडलाइन मौजूदा वेतन विसंगति आयोग तय करेगा।
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कुछ अन्य महत्वपूर्ण फैसले

- सामाजिक सुरक्षा के तहत मिलने वाली पेंशन राशि 1000 से बढ़ाकर 1500 की गई है।

- विभिन्न विभागों के माध्यम से दी जाने वाली सामाजिक सुरक्षा पेंशन, वृद्धावस्था सम्मान भत्ता, विधवा और बेसहारा महिलाओं को दी जाने वाली पेंशन, विकलांग पेंशन, लाडली सामाजिक सुरक्षा भत्ता और बौनों को मिलने वाली पेंशन राशि एक नवंबर से 1000 रुपये से बढ़ाकर 1500 रुपये कर दी गई है।

- हरियाणा के कर्मचारियों को पंजाब के बराबर सैलरी दी जाएगी। बढ़ी हुई सैलरी आगामी एक नवंबर यानी विधानसभा चुनाव के बाद मिलेगी। मंत्रिमंडल की बैठक में मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने इसके अलावा कई अहम फैसले लिए।

- टोल बंद किया: कैबिनेट ने टोल प्वाइंट टीपी-28-भटटू लूदेसर-जमाल रोड (जो राजस्थान सीमा तक है) को बंद करने का निर्णय लिया है। इससे पहले भी सरकार ने ऐसे 10 टोल बंद कर दिए थे, जिनकी कलेक्शन 50 लाख रुपये सालाना से कम था।

- चालकों को राहत: कैबिनेट ने ड्राइवरों के पद के लिए सर्विस रूल्स में संशोधन किया है। लिहाजा ड्राइवर चाहे सीधी भर्ती से या फिर पदोन्नति द्वारा लगे हों, उन्हें एक समान सैलरी मिलेगी।
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