- डॉ. ध्रूव चौधरी, सीनियर प्रोफेसर पीसीसीएम विभागाध्यक्ष एवं कोविड-19 के प्रदेश प्रमुख नोडल अधिकारी, पीजीआईएमएस
- डॉ. वीके कत्याल, सीनियर प्रोफेसर एंड हैड, मेडिसिन विभाग, पीजीआईएमएस
- डॉ. राजेश राजपूत, सीनियर प्रोफेसर एंड हैड, एंडोक्रायनोलॉजी विभाग, पीजीआईएमएस
- डॉ. प्रशांत, प्रोफेसर, एनेस्थिसिया विभाग, पीजीआईएमएस
- डॉ. अश्विनी कुमार, एसोसिएट प्रोफेसर, कार्डियोलॉजी, पीजीआईएमएस
नोट : पांच डॉक्टरों की टीम प्रतिदिन सुबह दस बजे और सायं सात बजे स्वास्थ्य मंत्री की रिपोर्ट कुलपति को सौंपेगी।
मंत्री के आने के पूर्व अलर्ट हो गया प्रशासन
मंत्री के आने की पूर्व सूचना पर ही पीजीआईएमएस अलर्ट हो गया। एक्सपर्ट डॉक्टरों के साथ प्रशासनिक अधिकारी भी पीपीई किट में वार्ड में तैनात हो गए। स्पेशल वार्ड के एंट्री गेट पर अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती के साथ संस्थान ने निजी गार्डों के अलावा सहायक सुरक्षा अधिकारी की मौके पर तैनाती कर दी। मंत्री की देखभाल के लिए एक्सपर्ट डॉक्टरों के साथ एक्सपर्ट स्टाफ नर्स, बीयरर आदि की ड्यूटी लगाई गई है।
स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज को निगरानी में रखने के लिए पीजीआईएमएस के स्पेशल वार्ड में भर्ती किया गया है। लोगों से अपील है कि जब तक मंत्री कोविड-19 नेगेटिव नहीं आते तब तक उनसे मिलने कोई ना आए। संस्थान स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज का आभार जताता है कि उन्होंने कुलपति डॉ. ओपी कालरा व हमारी टीम पर विश्वास जताते हुए अपने इलाज के लिए पीजीआईएमएस को चुना है।- डॉ. गजेंद्र सिंह, जनसंपर्क अधिकारी, पीजीआईएमएस रोहतक