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जाट आंदोलनः सांगवान गुट ने बदला सुर और दी बड़ी चेतावनी, मुश्किल में सरकार

Tue, 07 Feb 2017 09:21 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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जाट नेता हवा सिंह सांगवान - फोटो : फाइल फोटो
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हरियाणा में आरक्षण के लिए चल रहे जाट आंदोलन को लेकर सांगवान गुट के सुर बदल गए हैं। गंभीर आरोप लगाते हुए कड़ी चेतावनी दी गई है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल से 27 जनवरी को वार्ता करने वाले जाट व खाप नेताओं ने सरकार को चेताया है कि बीते वर्ष आंदोलन में मारे गए जाटों व अन्य लोगों के परिवार से एक-एक नौकरी व आम माफी की मांग पंद्रह दिन के भीतर नहीं मानी गई तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे।
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अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के प्रदेश अध्यक्ष हवा सिंह सांगवान व समैण खाप के अध्यक्ष एवं सर्व जाट खाप पंचायत के प्रवक्ता सूबे सिंह समैण ने यहां पत्रकारों से बातचीत में कहा कि आंदोलन गांवों में नहीं होगा, वे सीएम निवास, मंत्रियों और विधायकों के निवास के बाहर धरने पर बैठक सकते हैं। सांगवान ने कहा कि पंद्रह दिन में नौकरी देने की मियाद 11 फरवरी को खत्म हो जाएगी।

सरकार ने अपने वादे पर खरा नहीं उतरी तो ईंट से ईंट बजा देंगे। बीते वर्ष 18 से 23 फरवरी के बीच दर्ज केस के कारण जेल में बंद 68 जाटों व 11 गैर जाट को आम माफी दी जाए। अगर ये वादे पूरे नहीं हुए तो 26 फरवरी को जींद में महापंचायत कर आंदोलन की घोषणा कर दी जाएगी। डीसी रेट पर नौकरी मंजूर नहीं है।
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सांगवान ने मलिक का यूपी का ठग बताया

जसिया में जाट समाज के धरने पर पहुंचे यशपाल मलिक ने चेताया - फोटो : अमर उजाला
सांगवान ने अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक को उत्तर प्रदेश का ठग बताया। वहीं सूबे सिंह समैण ने कहा कि पिछली सरकार में भी केस वापस हुए हैँ।

इस सरकार ने भी मृतकों के परिवारों को दस-दस लाख मुआवजा दे दिया है, पक्की नौकरी देने का वादा सरकार जल्दी पूरा करे। उन्होंने धरनों पर बैठे लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। समैण ने आरोप लगाया कि मलिक के धरनों को राजनीतिक दलों का संरक्षण प्राप्त है।

उन्होंने सरकार पर सरकारी विभागों में सेवारत जाटों को प्रताड़ित करने की बात कही है। उन्होंने कहा कि जाट अधिकारियों को दूर-दराज ट्रांसफर किया जा रहा है। भविष्य में चुनाव होने पर जाट उसी दल के साथ जाएंगे, जो उनकी उम्मीदों पर खरा उतरता होगा। उनका न्यायपालिका में पूरा विश्वास है। वे आरक्षण के मुद्दे पर आंदोलन कर हाईकोर्ट को नाराज नहीं करना चाहते।
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