हरियाणा में आरक्षण के लिए चल रहे जाट आंदोलन को लेकर सांगवान गुट के सुर बदल गए हैं। गंभीर आरोप लगाते हुए कड़ी चेतावनी दी गई है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल से 27 जनवरी को वार्ता करने वाले जाट व खाप नेताओं ने सरकार को चेताया है कि बीते वर्ष आंदोलन में मारे गए जाटों व अन्य लोगों के परिवार से एक-एक नौकरी व आम माफी की मांग पंद्रह दिन के भीतर नहीं मानी गई तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे।
अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के प्रदेश अध्यक्ष हवा सिंह सांगवान व समैण खाप के अध्यक्ष एवं सर्व जाट खाप पंचायत के प्रवक्ता सूबे सिंह समैण ने यहां पत्रकारों से बातचीत में कहा कि आंदोलन गांवों में नहीं होगा, वे सीएम निवास, मंत्रियों और विधायकों के निवास के बाहर धरने पर बैठक सकते हैं। सांगवान ने कहा कि पंद्रह दिन में नौकरी देने की मियाद 11 फरवरी को खत्म हो जाएगी।
सरकार ने अपने वादे पर खरा नहीं उतरी तो ईंट से ईंट बजा देंगे। बीते वर्ष 18 से 23 फरवरी के बीच दर्ज केस के कारण जेल में बंद 68 जाटों व 11 गैर जाट को आम माफी दी जाए। अगर ये वादे पूरे नहीं हुए तो 26 फरवरी को जींद में महापंचायत कर आंदोलन की घोषणा कर दी जाएगी। डीसी रेट पर नौकरी मंजूर नहीं है।