प्रदेश में जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हुई हिंसा के बाद लापरवाह पुलिस अधिकारियों के खिलाफ सरकार का कड़ा रुख जारी है। इसी क्रम में मंगलवार को उपद्रव से सर्वाधिक प्रभावित झज्जर के एसपी सुमित कुमार और कैथल एसपी कृष्ण मुरारी सहित नौ आईपीएस व एक एचपीएस का तबादला कर दिया गया।
इससे पहले रोहतक रेंज के आईजी श्रीकांत जाधव और रोहतक में ही तैनात दो डीएसपी को सस्पेंड किया जा चुका है और कैथल, गोहाना और महम के एसडीएम बदले जा चुके हैं। जाट आरक्षण आंदोलन की आड़ में रोहतक के बाद झज्जर और कैथल में भारी हिंसा, आगजनी और तोड़फोड़ हुई थी।
इन पर नाकामी के आरोप
कृष्ण मुरारी- कैथल में जाट और गैरजाट में भारी उपद्रव हुआ। कथित तौर पर उपद्रवियों ने गैरजाटों के वाहन, दुकानें जला दी। तीन दिन तक दहशत का माहौल रहा। पुलिस और प्रशासन के ही लोग उपद्रवियों को शह देते रहे। इसके वीडियो भी वायरल हुए।
सुमित कुमार- झज्जर में बड़े पैमान पर उपद्रव हुआ। जिले में कई लोगों की हत्या कर दी गईं और घर व दुकानें जला दी गई। विधायक गीता भुक्कल का आवास जला दिया गया। उन्होंने एसपी पर मदद नहीं करने के आरोप लगाए थे।